New Chandigarh:  केएल राहुल ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में उनकी नाबाद 129 रन की पारी सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं थी, बल्कि क्रीज पर ज्यादा समय बिताने और अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए भी थी।

Advertisement

उन्होंने बताया कि भारतीय टीम इस द्विपक्षीय सीरीज को आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के हिस्से के रूप में देख रही है। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए फॉर्म हासिल करना, अलग-अलग परिस्थितियों में खेलना और लंबी पारियां खेलना बहुत महत्वपूर्ण है। भारत की 2-1 से सीरीज जीत के बाद राहुल ने कहा कि यह लंबी पारी इसलिए जरूरी थी, क्योंकि वह अगले साल होने वाले ग्लोबल टूर्नामेंट से पहले मिडिल ऑर्डर में बैटिंग की जरूरतों पर काम कर रहे हैं। राहुल की सेंचुरी ऐसे मैच में आई जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा।

वेस्टइंडीज ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए भारत से मिले 352 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया। इस निराशा के बावजूद, विकेटकीपर-बल्लेबाज ने क्रीज पर अधिक समय बिताने को अहम माना, खासकर इसलिए क्योंकि इस साल की शुरुआत में मिडिल ऑर्डर से वनडे में लंबी पारी खेलने के मौके कम ही मिले थे।

राहुल ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, "129 रन बनाकर खुश हूं, लेकिन इस बात से निराश हूं कि हम सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं कर पाए। अगर ऐसा कर पाते, तो खुशी का स्तर बहुत ज्यादा होता। फिर भी, मैं मैदान पर बल्ले के साथ अधिक समय बिताना चाहता था। पिछली बार मुझे वनडे क्रिकेट में मिडिल ऑर्डर में लंबी पारी खेलने का मौका इस साल जनवरी की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिला था, और तब से मुझे लंबी पारी खेलने का ज्यादा समय नहीं मिला है।"

उन्होंने आगे कहा, "अगला साल बहुत अहम है, क्योंकि अक्टूबर में वर्ल्ड कप शुरू हो रहा है, इसलिए मेरे लिए बैटिंग में कीमती समय बिताना जरूरी है क्योंकि मैदान के बाहर मैं कुछ चीजें आजमा रहा हूं और उन्हें खेल में परखना चाहता हूं। तभी पता चलेगा कि पर्दे के पीछे जो काम किया जा रहा है, वह काम कर रहा है या नहीं, या मुझे क्या अलग करने की जरूरत है।"

इस पारी ने राहुल को अपनी मौजूदा भूमिका के सबसे मुश्किल पहलुओं में से एक पर काम करने का मौका भी दिया। अपने करियर का ज्यादातर समय टॉप ऑर्डर में बिताने के बाद इस बल्लेबाज को उन हालात के हिसाब से खुद को ढालना पड़ा है जो वनडे पारी के आगे बढ़ने के साथ मिडिल-ऑर्डर के खिलाड़ियों के लिए मुश्किल हो सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर पुरानी गेंद के बर्ताव और आखिरी ओवरों में अटैक करने की कोशिश कर रहे बल्लेबाजों के लिए इससे पैदा होने वाली मुश्किलों का जिक्र किया।

राहुल ने कहा, "यह बहुत अलग है, लेकिन मैं पिछले 6-7 वर्षों से यह भूमिका निभा रहा हूं। पिछले डेढ़ साल में, जब से गेंद बदलने का नियम आया है, हालात बहुत अलग हो गए हैं। आखिरी 10 ओवरों में 80-90 रन बनाना आसान नहीं रहा है। गेंद रिवर्स स्विंग हो रही है, और इस मैच में भी जब गेंद पुरानी और नरम हो गई और रिवर्स स्विंग होने लगी, तो एक बल्लेबाज के तौर पर आप लॉन्ग-ऑन और डीप मिड-विकेट फील्डर पर शॉट खेलने का भरोसा नहीं कर पाते, खासकर तब जब उस तरफ बाउंड्री बड़ी हो।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने हमेशा टॉप ऑर्डर में बैटिंग की है, और मुझे हार्ड बॉल पसंद है जो तेजी से मेरे पास आती है, मैं उसकी पेस का इस्तेमाल कर सकता हूं। इसलिए मैं इसी पर काम कर रहा हूं - नरम, पुरानी गेंदों के साथ खेलने और उनसे छक्के मारने की कोशिश कर रहा हूं। यह वो चीज है जिस पर मैंने काम किया है। मैं लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने, अपनी भूमिका को समझने और यह समझने की कोशिश करता हूं कि टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए नंबर पांच और नंबर छह के बल्लेबाज को क्या करना होता है।"

वर्ल्ड कप 2027 में अभी एक साल से अधिक का समय है, लेकिन राहुल ने कहा कि मौजूदा सीरीज से ही भारत की योजनाओं और खिलाड़ियों को परखने के लिए जरूरी मैच की स्थितियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप से पहले होने वाली ये सभी सीरीज मैदान पर खेलने का अच्छा मौका देती हैं। हम अपनी योजना से बहुत दूर नहीं जाना चाहते, लेकिन बैटिंग यूनिट के तौर पर थोड़ा प्रयोग भी करना चाहते हैं। अब तक हमारा लक्ष्य पहले बैटिंग करते हुए 330-340 रन बनाने का रहा है, लेकिन हम देख रहे हैं कि वनडे क्रिकेट में 340 और 350 रन आसानी से चेज हो जाते हैं। इसी वजह से जब बल्लेबाज सेट हो जाएं, तो वे कैसे आक्रामक खेल जारी रख सकते हैं और 370-380 रन बना सकते हैं, या किसी दिन 400 रन तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, "मैंने हमेशा टॉप ऑर्डर में बैटिंग की है, और मुझे हार्ड बॉल पसंद है जो तेजी से मेरे पास आती है, मैं उसकी पेस का इस्तेमाल कर सकता हूं। इसलिए मैं इसी पर काम कर रहा हूं - नरम, पुरानी गेंदों के साथ खेलने और उनसे छक्के मारने की कोशिश कर रहा हूं। यह वो चीज है जिस पर मैंने काम किया है। मैं लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने, अपनी भूमिका को समझने और यह समझने की कोशिश करता हूं कि टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए नंबर पांच और नंबर छह के बल्लेबाज को क्या करना होता है।"

Also Read: LIVE Cricket Score

Article Source: IANS

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार