2 जनवरी विशेष: सचिन और कांबली जैसे बल्लेबाज देने वाले गुरु रमाकांत आचरेकर ने ली थी आखिरी सांस

Updated: Thu, Jan 01 2026 19:36 IST
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भारतीय क्रिकेट में रमाकांत आचरेकर का नाम बहुत बड़ा है। रमाकांत आचरेकर कोई क्रिकेटर नहीं थे, बल्कि वे कोच थे जिन्होंने सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली और अजीत अगरकर जैसे बड़े क्रिकेटर भारतीय क्रिकेट को दिए।

रमाकांत आचरेकर का जन्म 1932 में मुंबई में हुआ था। उनकी जन्मतिथि की स्पष्ट सूचना नहीं है। 1943 में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। 1945 में उन्होंने न्यू हिंद स्पोर्ट्स क्लब के लिए क्लब क्रिकेट खेला। वे यंग महाराष्ट्र इलेवन, गुल मोहर मिल्स और मुंबई पोर्ट के लिए भी खेले। 1963 में मोइन-उद-दौला गोल्ड कप टूर्नामेंट में हैदराबाद के खिलाफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से उन्होंने एकमात्र प्रथम श्रेणी मैच खेला। बतौर खिलाड़ी उनका करियर बेहद साधारण रहा, लेकिन उनके कोचिंग करियर ने उन्हें असाधारण और महानतम बना दिया।

आचरेकर ने शिवाजी पार्क में कामथ मेमोरियल क्रिकेट क्लब की स्थापना की और युवा क्रिकेटरों को कोचिंग देना शुरू किया। यह वही जगह है जहां सचिन तेंदुलकर, अजीत अगरकर, चंद्रकांत पंडित, विनोद कांबली, रमेश पोवार, प्रवीण आमरे, अमोल मजूमदार, समीर दिघे, संजय बांगर, पारस म्हाम्ब्रे, और साईराज बहुतुले जैसे दिग्गजों ने क्रिकेट के गुर सीखे। आचरेकर ने क्रिकेट से संन्यास के बाद युवा क्रिकेटरों के भविष्य को तराशने में पूरी जिंदगी लगा दी।

रमाकांत आचरेकर का निधन 2 जनवरी 2019 को हो गया था। उनके द्वारा शुरू की गई एकेडमी आज भी संचालित है।

आचरेकर ने शिवाजी पार्क में कामथ मेमोरियल क्रिकेट क्लब की स्थापना की और युवा क्रिकेटरों को कोचिंग देना शुरू किया। यह वही जगह है जहां सचिन तेंदुलकर, अजीत अगरकर, चंद्रकांत पंडित, विनोद कांबली, रमेश पोवार, प्रवीण आमरे, अमोल मजूमदार, समीर दिघे, संजय बांगर, पारस म्हाम्ब्रे, और साईराज बहुतुले जैसे दिग्गजों ने क्रिकेट के गुर सीखे। आचरेकर ने क्रिकेट से संन्यास के बाद युवा क्रिकेटरों के भविष्य को तराशने में पूरी जिंदगी लगा दी।

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रमाकांत आचरेकर का स्मारक मुंबई के शिवाजी पार्क में बना है। इसका अनावरण 3 दिसंबर, 2024 को सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली जैसे क्रिकेटरों की मौजूदगी में हुआ। स्मारक उनके क्रिकेट किट और उनकी प्रतिष्ठित टोपी के रूप में है, जो शिवाजी पार्क के गेट नंबर 5 के पास स्थापित है।

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