'शाहरुख फैसला वापस लें', महंत रविंद्र पुरी ने किया केकेआर में मुस्तफिजुर रहमान को लेने का विरोध
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। आईएएनएस से बात करते हुए महंत रविंद्र पुरी ने कहा, ''शाहरुख खान को जो भी सम्मान और पहचान मिली है, वह भारत और यहां के लोगों की वजह से है। ऐसे में उन्हें देशवासियों की भावनाओं और राष्ट्रहित का पूरा सम्मान करना चाहिए।''
महंत ने आगे कहा, ''देश विरोधी सोच या ऐसे निर्णय, जो देश की भावनाओं के खिलाफ हों, किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इससे हमारी आस्था को ठेस पहुंची है। मैं चाहता हूं कि शाहरुख अपने इस फैसले को वापस लें।''
महंत रविंद्र पुरी के बयान से पहले ही कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। देवकीनंदन ठाकुर ने केकेआर और शाहरुख खान पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को यहां लाना सही नहीं था।
उन्होंने कहा, ''अगर कोई टीम उसे खरीदती है, तो यह केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं है बल्कि सामाजिक और भावनात्मक संवेदनाओं के खिलाफ है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा हो रही है और ऐसे में यह निर्णय संवेदनाओं के अनुरूप नहीं है।''
देवकीनंदन ठाकुर ने चेतावनी दी कि अगर मुस्तफिजुर को टीम से नहीं हटाया गया, तो पूरी केकेआर टीम का बहिष्कार किया जा सकता है। ऐसे खिलाड़ियों को खरीदने से पहले यह सोचना चाहिए था कि इस निर्णय से देशवासियों की भावनाओं पर क्या असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ''अगर कोई टीम उसे खरीदती है, तो यह केवल व्यक्तिगत पसंद नहीं है बल्कि सामाजिक और भावनात्मक संवेदनाओं के खिलाफ है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा हो रही है और ऐसे में यह निर्णय संवेदनाओं के अनुरूप नहीं है।''
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बता दें कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी, जिसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जताई थी। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने इसे गुमराह करने वाला बयान करार दिया और आरोप लगाया कि दीपू चंद्र दास एक लिस्टेड अपराधी था। इसके बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है।