भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का मानना है कि आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में खिताब जीतने की भारत की उम्मीदें ग्रुप स्टेज के कठिन मुकाबलों पर काफी हद तक निर्भर करेंगी। हालांकि, उन्होंने इस चुनौती को एक मजबूत टीम के लिए जरूरी परीक्षा बताया, जो विश्व चैंपियन बनना चाहती है।
ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के साथ एक ही ग्रुप में होने के कारण भारत को नॉकआउट चरण तक पहुंचने के लिए कठिन रास्ते से गुजरना पड़ सकता है। फिर भी चोपड़ा का कहना है कि विश्व कप जीतने के लिए कोई भी आसान रास्ता नहीं होता।
चोपड़ा ने 'जियोस्टार' से कहा, “आपको या तो साउथ अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा। अगर आप इस ग्रुप में नहीं हैं, तो आपको न्यूजीलैंड और इंग्लैंड मिलेंगे। ऐसे में आपका सामना कम से कम दो मजबूत विरोधियों से होगा। अगर आप वर्ल्ड कप जीतना चाहते हैं, तो आपको अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा।”
ग्रुप की मुश्किल को मानते हुए चोपड़ा ने भारत के शेड्यूल को एक संभावित फायदे का सौदा भी बताया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच होने के कारण उनका मानना है कि भारत के पास अपने सबसे बड़े टेस्ट का सामना करने से पहले लय पाने का बढ़िया मौका होगा।
उन्होंने कहा, "हालांकि, अच्छी बात यह है कि जब तक भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा, तब तक उनका अभियान अच्छी तरह से शुरू हो चुका होगा, उम्मीद है कि वे पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ पहले ही मैच जीत चुके होंगे।" चोपड़ा ने जोर देकर कहा कि कड़े मुकाबले वाले ग्रुप में सिर्फ जीत काफी नहीं हो सकती है। उन्होंने भारतीय टीम को सलाह दी कि वे अपने नेट रन रेट को मजबूत करने के लिए कम रैंक वाली टीमों के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करने का लक्ष्य रखें।
उन्होंने कहा, "कायदे से यह होना चाहिए कि आप बांग्लादेश, नीदरलैंड्स और पाकिस्तान के खिलाफ अच्छे अंतर से जीतें, ताकि नेट रन रेट भी आपके पक्ष में हो।" पूर्व बल्लेबाज ने यह भी बताया कि उनके हिसाब से छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के मैच से पहले आदर्श परिस्थिति क्या होगी, उन्होंने कहा, "आपको अपने अभियान को इस तरह से पीक पर लाना होगा कि जब आपकी भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से हो, तो आप लगभग क्वालीफाई कर चुके हों और दबाव विरोधी टीम पर हो।"
उन्होंने कहा, "हालांकि, अच्छी बात यह है कि जब तक भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा, तब तक उनका अभियान अच्छी तरह से शुरू हो चुका होगा, उम्मीद है कि वे पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ पहले ही मैच जीत चुके होंगे।" चोपड़ा ने जोर देकर कहा कि कड़े मुकाबले वाले ग्रुप में सिर्फ जीत काफी नहीं हो सकती है। उन्होंने भारतीय टीम को सलाह दी कि वे अपने नेट रन रेट को मजबूत करने के लिए कम रैंक वाली टीमों के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करने का लक्ष्य रखें।
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उन्होंने कहा, “हमारे पास एक मजबूत बल्लेबाजी क्रम है। हमेशा इस बात पर चर्चा होती थी कि भारत टी20 क्रिकेट में पीछे क्यों रहता था, क्योंकि दूसरी टीमों में ज्यादा छक्के मारने की काबिलियत थी। हम अभी भी ज्यादा चौके मारने वाली टीम हैं। हालांकि, अब, स्मृति मंधाना छक्के मार सकती हैं, हरमनप्रीत कौर, शेफाली वर्मा और ऋचा घोष सभी लगातार रन बना सकती हैं, और अगर आपको उनकी जरूरत है, तो भारती फुलमाली हैं, जो छक्के लगा सकती हैं।"