ऑस्ट्रेलिया की बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन ने कहा है कि आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में नई गेंद से लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। अब वह वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में इसी भरोसे के साथ उतरने को तैयार हैं।
क्रिकेट.कॉम.एयू से बातचीत में हैमिल्टन ने कहा कि नई गेंद से पहला ओवर फेंकना उनके लिए बेहद रोमांचक अनुभव रहा। उन्होंने विशेष रूप से भारत के खिलाफ ग्रुप चरण में मिली महत्वपूर्ण जीत का जिक्र करते हुए कहा कि उस मुकाबले ने पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और सेमीफाइनल से पहले खिलाड़ियों को सकारात्मक ऊर्जा दी।
हैमिल्टन ने स्वीकार किया कि बड़े टूर्नामेंट और भारी दर्शक संख्या के बीच दबाव महसूस होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान हर खिलाड़ी थोड़ी घबराहट महसूस करता है, लेकिन पहला ओवर शुरू होते ही वह पूरी तरह मैच में रम जाती हैं। उनके अनुसार, विश्व कप के दौरान मिले अनुभव ने उन्हें दबाव वाले मुकाबलों के लिए मानसिक रूप से और मजबूत बनाया है।
उन्होंने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सफल प्रदर्शन करने से उन्हें यह विश्वास मिला है कि वह बड़े अवसरों पर भी अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। यही अनुभव अब सेमीफाइनल में उनके लिए बड़ी ताकत साबित होगा।
हैमिल्टन ने मैचों के बीच कम अंतराल का भी स्वागत किया। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में लगातार मैच खेलने से टीम का मोमेंटम बना रहता है और खिलाड़ी अपनी लय नहीं खोते। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया हाल के मुकाबलों में जिस गुणवत्ता का क्रिकेट खेल रहा है, उसे सेमीफाइनल में भी बरकरार रखना टीम का लक्ष्य होगा।
उन्होंने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सफल प्रदर्शन करने से उन्हें यह विश्वास मिला है कि वह बड़े अवसरों पर भी अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। यही अनुभव अब सेमीफाइनल में उनके लिए बड़ी ताकत साबित होगा।
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हैमिल्टन ने वेस्टइंडीज को भी बेहद खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बताया। उन्होंने कहा कि अंडरडॉग के रूप में उतर रही वेस्टइंडीज के पास खोने के लिए कुछ नहीं होगा, इसलिए वह पूरी ताकत से चुनौती पेश करेगी। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच द ओवल में होने वाले पहले सेमीफाइनल की विजेता टीम रविवार को लॉर्ड्स में खेले जाने वाले फाइनल में जगह बनाएगी।