संभावनाओं का साल 2026 : इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी दुनिया की निगाहें
वैभव सूर्यवंशी: 14 वर्षीय खिलाड़ी ने आईपीएल और यूथ क्रिकेट में अपनी शानदार छाप छोड़ी है। वैभव सूर्यवंशी इस साल अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलते नजर आने वाले हैं। फैंस को उम्मीद है कि विश्व कप में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए वैभव जल्द सीनियर टीम में भी जगह बना सकते हैं।
रमेशबाबू प्रज्ञाननंद: भारतीय ग्रैंडमास्टर ने कैंडिडेट टूर्नामेंट 2026 के लिए क्वालीफाई किया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इकलौते भारतीय पुरुष हैं। उनकी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा यह है कि वह विश्व रेटिंग में नंबर 1 और विश्व चैंपियन बनें।
अभिषेक शर्मा: भारत के 25 वर्षीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 33 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 35.96 की औसत के साथ 1,115 रन बनाए हैं। उनसे देश को इस साल वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू करते हुए धमाकेदार पारियां खेलने की उम्मीद है।
हर्षित राणा: 24 वर्षीय खिलाड़ी ने साल 2025 में सीमित ओवरों के क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राणा ने साल 2025 में 11 वनडे मुकाबले खेले, जिसमें 25.55 की औसत के साथ 20 विकेट हासिल किए। वहीं, 6 टी20 मुकाबलों में 7 विकेट निकाले हैं। फैंस को उनसे इस साल भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
यशस्वी जायसवाल: 24 वर्षीय खिलाड़ी आईपीएल में चमक बिखेरने के बाद भारत की तरफ से 28 टेस्ट, 4 वनडे और 23 टी20 मुकाबले खेल चुका है। इस साल भी जायसवाल से देश को उम्मीदें होंगी।
अर्जुन बाबूता: 2024 पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाले शूटर अर्जुन बाबूता 10 मीटर एयर राइफल के प्रमुख निशानेबाज हैं। उनसे आईएसएसएफ विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने की उम्मीद होगी।
दीप्ति शर्मा: महिला वर्ल्ड कप 2025 की 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दीप्ति ने उस टूर्नामेंट के 9 मुकाबलों में 20.41 की औसत के साथ सर्वाधिक 22 विकेट हासिल किए। इस साल भी दीप्ति से भारतीय महिला क्रिकेट को खासा उम्मीदें होंगी।
अर्जुन बाबूता: 2024 पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाले शूटर अर्जुन बाबूता 10 मीटर एयर राइफल के प्रमुख निशानेबाज हैं। उनसे आईएसएसएफ विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने की उम्मीद होगी।
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दिव्या देशमुख: भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर और मौजूदा महिला शतरंज विश्व कप चैंपियन दिव्या की उपलब्धियां युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। 2026 में उनसे आशा की जाती है कि वह कुछ बड़े खिताब जीतकर भारत में महिला शतरंज को अधिक लोकप्रिय बना सकती हैं।