23 मार्च,नई दिल्ली (CRICKETNMORE)। कॉमेडियन सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा अपने आपसी विवादों को लेकर आजकल सुर्खियों में हैं। सुनील और कपिल का नाम सुनते ही साल 1984 में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर औऱ कपिल देव के बीच हुआ विवाद याद आ जाता है। आइए हम आपको बताते हैं उस मशहूर विवाद के बारे में। साल था 1984, भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता टेस्ट मैच से बाहर कर दिया गया था।

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उन्हें दिल्ली में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में गैर-जिम्मेदाराना शॉट मारकर आउट होने की सजा देने के तौर पर ऐसा किया गया था। भारत ने वानखेड़े में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जीत हासिल की थी और फिरोजशाह कोटला में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था। पहली पारी में 111 रन से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम मैच में वापसी कर रही थी और कप्तान सुनील गावस्कर औऱ मोहिंदर अमरनाथ के अर्धशतकों की बदौलत 4 विकेट पर 207 बना लिए थे। उस समय चार सत्र का खेल और बाकी था।

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इसके बाद मैच पूरी तरह पलट गया। कपिल देव और संदीप पाटिल बड़ा शॉट मारने के चक्कर में अपना विकेट गवां बैठे। जिसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और उसके आठ विकेट केवल 28 रन के भीतर गिर गए। जिसके चलते इंग्लैंड ने मुकाबले में 8 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली थी। इस मुकाबले के बाद कप्तान गावस्कर ने मैच के बाद कपिल देव और संदीप पाटिल के ख़राब शॉट की वजह को मैच की हार का कारण बताया था। इसके बाद चंदू बोर्डे की अध्यक्षता वाली सिलेक्शन कमेटी को कप्तान सुनील गावस्कर के साथ मिलकर अगले टेस्ट मैच के लिए टीम का चयन करना था। यह तय माना जा रहा था कि कपिल औऱ पाटिल को टीम से बाहर किया जाएगा और हुआ भी कुछ ऐसा ही।

जिसके बाद कपिल ने आरोप लगाया था कि उन्हें टीम से बाहर किए जानें के लिए गावस्कर जिम्मेदार हैं। दूसरी तरफ गावस्कर ने कहा था कि वह सिलेक्शन कमेटी की मीटिंग में देरी से पहुंचे थे और उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा था। यह विवाद काफी बढ़ा जिसके बाद तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष नरेंद्र कुमार साल्वे ने दोनों खिलाड़ियों के मिलकर आपसी मतभेद मिटाने को कहा। कपिल को टीम से बाहर किए जानें के कारण कोलकाता में दर्शक खुश नहीं थे। जब कोलकाता के मैदान पर यह टेस्ट मैच शुरू हुआ, तो पब्लिक कपिल देव को टीम में न देखकर बहुत नराज हुई और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया, “नो कपिल – नो टेस्ट”। उसके बाद पब्लिक ने सुनील गावस्कर के ऊपर फल और सब्जी भी फेंक कर मारे।

इस घटना के बाद गावस्कर बहुत दुखी हुए थे और उन्होंने  कसम खाई थी कि वह दोबार कभी ईडन गार्डन में क्रिकेट नहीं खेलेंगे। हुआ भी ऐसा ही, पाकिस्तान के खिलाफ 18 फरवरी 1987 को ईडन गार्डन में वन डे मैच खेला गया औऱ गावस्कर ने इस मैच में हिस्सा नहीं लिया। समय बितने के साथ इन दोनों के बीच की दूरियां कम हो गई और इन दिनों ये दोनों एक दूसरे की तारीफ करते हुए नजर आते हैं। पिछले साल गावस्कर ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा था कि साल 1984 में कपिल को टीम से बाहर कराने में उनका कोई रोल नहीं था।

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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