इस समय भारतीय क्रिकेट में काफी उथल-पुथल मची हुई है और इसके पीछे की वजह मुंबई के क्रिकेटर सरफराज खान है। सरफराज रणजी के पिछले कुछ सीजन से लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए आ रहे है लेकिन फिर भी उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला रहा है। उन्हें हाल ही में वेस्टइंडीज दौरे पर खेली जानें वाली टेस्ट सीरीज में फिर नहीं चुना गया। इस चीज को लेकर कई पूर्व क्रिकेटर्स और एक्सपर्ट्स अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। वहीं सरफराज के जैसे ही कुछ भारतीय क्रिकेटर है जिन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में जमकर रन बनाये है। वहीं कुछ ऐसे भी रहे है जिन्होंने जमकर विकेट लिए है। तो आज हम आपको ऐसे ही 3 क्रिकेटरों के बारे में बताने जा रहे है। 

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1. अमोल मजूमदार 

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इस लिस्ट में टॉप पर जगह अमोल मजूमदार ने अपनी जगह बनाने में सफलता पायी है। मजूमदार ने 20 साल के अपने डोमेस्टिक करियर में कंसिस्टेंसी से रन बनाये किन कभी भी उन्हें इसका ईनाम नहीं मिला। दाएं हाथ के बल्लेबाज मजूमदार के फर्स्ट क्लास करियर की बात की जाए तो उन्होंने 171 मैच खेले है और 48.13 के औसत से 11167 रन अपने नाम किये है। इस दौरान उनके बल्ले से 30 शतक और 60 अर्धशतक देखने को मिले है। वो भारतीय टीम में मौका पाने के हकदार थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

2. राजिंदर गोयल

1990 और 2000 के दशक के मध्य क्रम में बिशन बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना, एस वेंकटराघवन और भागवत चन्द्रशेखर ये 4 खिलाड़ी भारतीय टीम की स्पिन गेंदबाजी की रीढ़ की हड्डी थे। इन चारों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत को कई यादगार जीत दिलाई। इसी तरह 60 और 70 के दशक में बेहतरीन स्पिनर राजिंदर गोयल टेस्ट कैप पाने के हकदार थे लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। दिवगंत क्रिकेटर राजिंदर ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी फिरकी का जादू जमकर बिखेरा। स्लो ऑर्थोडॉक्स लेफ्ट आर्म स्पिनर राजिंदर के फर्स्ट क्लास करियर की बात की जाए तो उन्होंने 157 मैच खेले है और 18.58 के औसत की मदद से 750 विकेट अपने नाम किये है। इस दौरान उन्होंने 5 विकेट हॉल 59 बार और 10 विकेट हॉल 18 बार लिए है। 

3. केपी भास्कर

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इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर बल्लेबाज केपी भास्कर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे है। रणजी ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन के कारण कृष्णन भास्कर पिल्लई को भारतीय टीम में होना चाहिए थे लेकिन वो हमेशा बाहर दिखे। दिल्ली के इस पूर्व क्रिकेटर ने 95 फर्स्ट क्लास मैच खेले है और 52.84 के शानदार औसत की मदद से 5443 रन बनाये है। इस दौरान उनके बल्ले से 18 शतक और 21 अर्धशतक देखने को मिले है। 

लेखक के बारे में

Nitesh Pratap
मैं पिछले 4 सालों से क्रिकेट में हिंदी कंटेंट राइटिंग कर रहा हूँ। मुझे क्रिकेट खेलना, देखना और उसके बारे में पढ़ना काफी पसंद है। मैं अपनी क्रिकेटिंग राइटिंग स्किल्स को बेहतर करने के लिए पिछले कुछ महीनों से cricketnmore के साथ जुड़ा हुआ है। यहाँ मुझे क्रिकेट की बारीकियों के बारे में काफी जानने और सीखने को मिल रहा है। Read More
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