भारत और साउथ (SAvsIND) के बीच पहला टेस्ट सेंचुरियन में खेला जा रहा है। टेस्ट क्रिकेट में बीते कुछ समय में भारत का मिडिल ऑर्डर काफी कमजोर नज़र आया है, जिसका बड़ा कारण टीम के एक्सपीरियंस बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) और चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की खराब फॉर्म रही है, लेकिन इसके बावजूद इन दोनों ही बल्लेबाजों को सेंचुरियन टेस्ट में मौका दिया गया था।
भारतीय टीम के एक्सपीरियंस बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा के लिए ये पूरा साल ही मुश्किल भरा रहा है और दोनों ही बल्लेबाज रनों की लिए संघर्ष करते नज़रआए हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज में टीम में श्रेयस अय्यर और हनुमा विहारी को भी शामिल किया गया है, लेकिन पहले टेस्ट में मौका अनुभवी बल्लेबाजो को दिया गया। इसके बावजूद दोनों ही खिलाड़ियों ने फ्लॉप शो दिखाया है। हालांकि रहाणे ने पहली इनिंग में 48 रनों की पारी जरूर खेली थी। ऐसे में सभी के मन में सवाल होगा कि आखिर ये दोनों खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में शामिल क्यों है? अब भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने ये इस मुश्किल सवाल का जवाब दिया है।
उन्होंने रहाणे और पुजारा पर बात करते हुए ईएसपीएन क्रिकइंफो के यूट्यूब चैनल पर कहा कि "दोनों बल्लेबाज अच्छे दिखे हैं हालांकि उन्होंने बड़े रन नहीं बनाए हैं। ये हालात (साउथ अफ्रीका) बल्लेबाजी के लिए काफी मुश्किल है और भारत एक एतिहासिक सीरीज जीत के कगार पर है तो कहीं ना कहीं भारत को पुजारा और रहाणे के एक्सपीरियंस से मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि सीरीज में दोनों ठीक दिखे हैं, खासकरअजिंक्य रहाणे ने अच्छा किया है तो उन्हें कम से कम एक और टेस्ट में रखना ही चाहिए।'
इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने ये भी कहा कि 'भारत ने सही समय पर पारी को खत्म किया है, क्योंकि अगर साउथ अफ्रीका से कोई एक शतक और एक अर्धशतक बना लेता है तो भारत के लिए मैच थोड़ा मुश्किल हो जाएगा। इसलिए भारत ने जहां पर पारी को छोड़ा है बिल्कुल सही छोड़ा है। यहां से अगर बारिश भी होती है, तो उम्मीद है कि भारत 50-60 ओवर निकाल ही लेगा।'
जानकारी के लिए बता दें कि इस साल अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट की 23 इनिंग में 20.82 की बेहद खराब औसत से सिर्फ 479 रन बनाए हैं। वहीं चेतेश्वर पुजारा ने 14 मैचों की 26 पारियो में 28.08 की औसत से सिर्फ 702 रन ही बनाए हैं।