भारतीय टीम इस समय बांग्लादेश दौरे पर टेस्ट सीरीज खेल रही है लेकिन लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) इस टीम का हिस्सा नहीं हैं और यही कारण है कि उन्होंने 4 साल बाद घरेलू क्रिकेट का रुख करने का फैसला किया। जी हां, चहल को अभी भी भारतीय टेस्ट टीम के लिए खेलने का इंतज़ार है लेकिन लगता है कि उनका ये इंतज़ार और भी लंबा होने वाला है क्योंकि घरेलू क्रिकेट में 4 साल बाद वापसी उनके लिए एक बुरे सपने की तरह रही है।
इस समय हरियाणा और बड़ौदा रणजी ट्रॉफी मुकाबले में आमने-सामने हैं और चहल ना सिर्फ हरियाणा के लिए 4 साल बाद रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं बल्कि वो हरियाणा की कप्तानी भी कर रहे हैं। हालांकि, बड़ौदा के खिलाफ पहली पारी में चहल का जादू नहीं चला और बड़ौदा के बल्लेबाज़ों ने चहल की खूब पिटाई की। बड़ौदा के युवा लड़कों ने चहल की पिटाई ऐसे की जैसे उनके सामने कोई क्लब बॉलर बॉलिंग कर रहा हो।
इस मैच की पहली पारी में युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने कुल 27 ओवर गेंदबाज़ी की और बिना एक भी विकेट लिए 5.11 की इकॉनमी रेट से 138 रन लुटवा दिए। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बड़ौदा के बल्लेबाज़ों ने चहल की कितनी पिटाई की होगी। ऐसे में आप ये कह सकते हैं कि टेस्ट डेब्यू का इंतज़ार कर रहे चहल की राह आसान नहीं है और उन्हें अभी भी इस फॉर्मैट में डेब्यू करने के लिए लंबा रास्ता तय करना होगा।
आपको बता दें कि चहल ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश के खिलाफ 2009 में की थी। अगर चहल के अब तक के फर्स्ट क्लास करियर पर निगाह मारें तो इस लेग स्पिनर ने अभी तक फर्स्ट क्लास करियर में कुल 31 मैच खेले हैं और 33.21 की औसत के साथ 84 विकेट चटकाए हैं। इतना ही नहीं भारतीय टीम से भी उन्हें कई बार दरकिनार किया जा चुका है। आलम ये है कि चहल को फिलहाल अपने पहले टी-20 वर्ल्ड कप में भी खेलने का इंतज़ार है।