ICC WORLD T20, 2010: क्रिकेट के जन्मदाता इंग्लैंड के लिए 16 मई 2010 का दिन बेहद खास है। वैसे तो यह एक आम तारीख ही है लेकिन इस दिन इंग्लैंड का बरसों पुराना सपना पूरा हुआ था। पॉल कॉलिंगवुड की कप्तानी में युवाओं से सजी इंग्लिश टीम ने पहली बार आईसीसी ट्रॉफी पर कब्जा जमाने में कामयाबी पाई थी।
इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। वैसे तो इस बात पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इससे पहले इंग्लैंड की टीम ने एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीती थी। 2010 टी-20 विश्व कप से पहले इंग्लैंड की टीम 3 बार वनडे वर्ल्ड कप और एक बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची लेकिन हर बार उसके हाथ निराशा ही लगी थी।
आसान नहीं रहा था इंग्लैंड का सफर: वेस्टइंडीज की मेजबानी में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप 2010 के पहले ही मुकाबले में इंग्लैंड को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाए थे लेकिन बारिश से बाधित इस मैच को वेस्टइंडीज की टीम ने डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 8 विकेट से जीत लिया था। वहीं आयरलैंड के खिलाफ इंग्लैंड टीम का दूसरा मैच भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ था।
गत विजेता पाकिस्तान को हराकर किया टूर्नामेंट का आगाज: इंग्लैंड टीम के लिए टी-20 वर्ल्ड कप 2010 की शुरुआत कुछ खास नहीं रही लेकिन गत विजेता पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर इंग्लैंड की टीम जीत की पटरी पर आ गई थी। केविन पीटरसन के 73 रनों की पारी के बदौलत इंग्लैंड की टीम ने पाकिस्तान को आसानी से हरा दिया था। पाकिस्तान की टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाए थे जिसे इंग्लैंड ने 3 गेंद के रहते ही चेज कर लिया था।
कुछ इस तरह इंग्लैंड ने किया सेमीफाइनल तक का सफर तय: पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत के बाद इंग्लैंड की टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अगले मैच में मजबूत साउथ अफ्रीका को 39 रनों से करारी शिकस्त दी। इस मैच में भी इंग्लैंड के हीरो रहे केविन पीटरसन जिन्होंने शानदार 53 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले से पहले इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 3 विकेट से हराया था।
सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका से थी टक्कर: इंग्लैंड को सेमीफाइनल मुकाबले में दिग्गजों से सजी श्रीलंका टीम से भिड़ना था। श्रीलंका की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निराश किया और 20 ओवरों में महज 128 रन ही बना सकी। एंजेलो मैथ्यूज ने श्रीलंका की तरफ से सर्वाधिक 58 रनों की पारी खेली थी वहीं इंग्लैड के लिए स्टुअर्ड ब्रॉड ने 4 ओवर में 21 रन देकर 2 विकेट लिया था।
इंग्लैंड की टीम ने इस लक्ष्य को बड़े ही आसानी से 16 ओवर में ही चेज कर फाइनल में जगह बनाई थी। इंग्लैंड के लिए केविन पीटरसन ने 26 गेंदों पर 42 रनों की पारी खेली थी। स्टुअर्ड ब्रॉड को सेमीफाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच चुना गया था।
ऑस्ट्रेलिया से था फाइनल मुकाबला: इस बात की उम्मीद कम ही लोगों ने की थी कि इंग्लैंड की टीम मजबूत ऑस्ट्रेलिया को हरा पाएगी। बार्बाडोस के मैदान पर खेले गए फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट खोकर 20 ओवर में 147 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए डेविड हसी ने 59 रन बनाए वहीं इंग्लैंड के लिए रेयान साइडबॉटम ने 4 ओवर में 26 रन देकर 2 विकेट लिया था।
क्रेग कीसवेटर रहे मैच के हीरो: 148 रनों का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 17 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया था। इस मैच में इंग्लैंड के हीरो रहे सलामी बल्लेबाज क्रेग कीसवेटर। कीसवेटर ने 49 गेंदों पर 63 रनों की पारी खेली थी। क्रेग कीसवेटर को इस शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था। वहीं केविन पीटरसन को पूरे वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था।