इस साल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन करना है। देश में बढ़ते कोरोना के मालमों के चलते अभी तय नहीं है कि इस टूर्नामेंट का आयोजन भारत में होगा या यूएई में। इस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय सिलेक्टर्स बेस्ट 15 खिलाड़ियों को चुनना चाहेंगे। आज हम उन 4 खिलाड़ियों के बारे में बात करगें, जिन्हें शायद इस टूर्नामेंट के लिए टीम इंडिया में जगह ना मिले।

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युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal)

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युजवेंद्र चहल ने 2017 से 2019 के बीच अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया और इस दौरान दुनिया के बेस्ट लिमिटेड ओवर स्पिनर्स में से एक रहे। कुलदीप यादव के साथ मिलकर चहल ने भारत को कई मुकाबले जिताए। हालांकि पिछले कुछ समय में उमके प्रदर्शन में काफी गिरावट आई है, जिसके चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन ने अपनी जगह गंवानी पड़ी है। 

इंग्लैंड के खिलाफ मार्च में खेली गई टी-20 सीरीज के दौरान निराशाजनक प्रदर्शन के चलते उन्हें आखिरी दो मैच में भी जगह नहीं मिली थी।  

आईपीएल में प्रदर्शन के जरिए उनके फॉर्म में लौटने की उम्मीद थी, लेकिन टूर्नामेंट के स्थगित होने से पहले खेले गए सात मैचों में वह सिर्फ 4 विकेट ही अपने खाते में डाल सके। 

इशान किशन (Ishan Kishan) 

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इशान किशन ने भारत के लिए टी-20 में धमाकेदार डेब्यू किया और अर्धशतक ठोका। जिसके बाद सबको लगा कि भारत को ऐसा बल्लेबाज मिल गया है,जो पहली गेंद से ही आक्रामक खेल दिखा सकता है। टीम मैनेजमेंट ने इशान को शिखर धवन की जगह टीम में मौका दिया। 

हालांकि इसके बाद धवन ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे से फॉर्म में वापसी की और आईपीएल में भी धमाकेदार प्रदर्शन किया। जबकि इशान किशन बुरी तरह से फ्लॉप रहे। इशान के मुकाबले धवन को बहुत ज्यादा अनुभव है, जो उनकी वर्ल्ड कप के लिए दावेदारी मजबूत करता है। 

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आईपीएल स्थगित होने से पहले धवन ने 8 मैच में तीन अर्धशतकों की बदौलत 380 रन बनाए और ऑरेंज कैप पर कब्जा किया। जबकि इशान किशन बुरी तरह फ्लॉप रहे और 5 मैचों में सिर्फ 73 रन ही बना पाए, जिसके बाद मुंबई इंडियंस ने उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 

मनीष पांडे (Manish Pandey)

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मनीष पांडे पिछले कुछ सालों में भारत की लिमिटेड ओवर टीम का हिस्सा रहे हैं। लेकिन चोट के चलते उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में जगह नहीं मिली। इसके बाद बीसीसीआई ने उन्हें सालाना कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से भी बाहर दिया। जिससे यह संदेश गया कि सिलेक्टर्स अब दूसरे खिलाड़ियों की तरफ देख रहे हैं। 

मनीष ने आईपीएल 2021 में खेले गए पांच मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 193 रन बनाए। हालांकि धीमी स्ट्राइक रेट के चलते उन्हें दो मैच में प्लेइंग इलेवन से बाहर भी रहना पड़ा। पृथ्वी शॉ, संजू सैमसन जैसे बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट उनसे काफी बेहतर रहा।

दीपक चाहर (दीपक चाहर) 

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भुवनेश्वर कुमार की गैरमौजूदगी में दीपक चाहर ने भारत की टी-20 टीम में अपनी खास जगह बनाई। हालांकि वह खुद को मिले मौकों का फायदा नहीं उठा सके, जिसते बाद टीम मैनेजमेंट ने टी नटराजन और शार्दुल ठाकुर को इस फॉर्मेट में मौका दिया। 

जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी की तिकड़ी इस वर्ल्ड कप के लिए भारत की पहली पसंद होगी। इसके बाद टीम में दो तेज गेंदबाजों की जगह होगी, जिसके लिए शार्दुल और नटराजन की भी दावेदारी होगी। 

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दीपक चहर ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए आईपीएल 2021 के सात मैचों में सिर्फ आठ विकेट चटकाए, जिनमें से चार उन्होंने एक ही मैच में हासिल किए। जिस पिच पर गेंद ज्यादा स्विंग नहीं होता, वहीं दीपक ज्यादा असरदार साबित नहीं होते। यह चीज सिलेक्शन के दौरान उनके खिलाफ जा सकती है। 
 

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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