साल 1987 में वनडे वर्ल्ड कप का चौथा संस्करण खेला गया। पहली बार यह टूर्नामेंट भारतीय उपमहाद्वीप में आया और भारत के साथ पाकिस्तान ने इसकी संयुक्त मेजबानी की। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इंग्लैंड को हराकर वर्ल्ड कप पर कब्जा किया। 

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टूर्नामेंट में 8 टीमों ने भाग लिया जिसमें ऑस्ट्रेलिया,न्यूज़ीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका ,भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड और ज़िम्बाब्वे की टीम भी शामिल रही। इन 8 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया। ग्रुप 'ए' में भारत,ऑस्ट्रेलिया ,न्यूज़ीलैंड और जिम्बाब्वे की टीमें आपस में भिड़ी तो वहीं ग्रुप 'बी' में पाकिस्तान, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और श्रीलंका की टीम को रखा गया। इस वर्ल्ड कप में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला और ओवरों की संख्या 60 से घटाकर 50 कर दी गई।

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दोनों ग्रुप की हर टीमें अपने ग्रुप की अन्य टीमों से एक-एक बार भिड़ी। ग्रुप स्टेज में टीमों के बीच कड़ी टक्कर के बाद इंग्लैंड, भारत, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान की टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।

पहला सेमीफाइनल - ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान

पहला सेमीफाइनल मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच लाहौर के गदाफ्फी स्टेडियम में खेला गया। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 267 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम 49.2 ओवरों में अपने सभी विकेट खोकर 249 रन ही बना सकी और ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 18 रन से जीता। ऑस्ट्रेलिया के क्रेग मकडोरमेट को उनकी शानदार गेंदबाजी (5 विकेट) के लिए  "मैन ऑफ द मैच" का खिताब मिला।

दूसरा सेमीफाइनल - इंग्लैंड बनाम भारत

दूसरे सेमीफाइनल मुकाबलें में इंग्लैंड का सामना भारत से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पपर हुआ। मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाए। 255 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका और टीम 45.3 ओवरों में 219 रन ही बना पाई और इंग्लैंड ने मैच को 35 रनों से अपने नाम किया। ग्राहम गूच को उनकी 115 रनों की शानदार शतकीय पारी के लिए "मैन ऑफ द मैच" के खिताब से नावजा गया।

फाइनल - इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया

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कोलकाता के एतेहासिक ईडन गार्डन्स स्टडेडियम में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 253 रन बनाए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 246 रन ही बना सकी और ऑस्ट्रेलिया ने मैच को 7 रन से जीतते हुए पहली बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई।ऑस्ट्रेलिया के डेविड बून को उनकी 75 रनों की बेहतरीन पारी के लिए "मैन ऑफ द मैच" से नवाजा गया।


 

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