Babar Azam Returns as Pakistan Test Captain: पाकिस्तान ने अपने अगले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड टूर के लिए बाबर आजम को फिर से टेस्ट कप्तान बना दिया है। इसका मतलब ये हुआ कि वहां टेस्ट कप्तान के 'म्यूजिकल चेयर' गेम का एक और राउंड शुरू और पाकिस्तान क्रिकेट भविष्य की तैयारी करने के बजाय फिर से बाबर के पास वापस।

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पिछले कुछ सालों में, खराब नतीजों, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) में कुर्सी का बदलता जोर और बिना लक्ष्य वाली सेलेक्शन पॉलिसी की वजह से वहां बार-बार टेस्ट कप्तान बदले हैं। टाइमलाइन भी तो यही बताती है:

2019–2020: 8 टेस्ट में कप्तान रहे अजहर अली, विदेश में ख़राब नतीजों के बाद गए। खुद 24.14 औसत से 338 रन बनाए यानि कि रिकॉर्ड ख़राब हुआ क्योंकि कप्तान बनने से पहले 43 का औसत दर्ज कर रहे थे।

2020–2023: 20 टेस्ट मैचों में कप्तान रहे बाबर आज़म की, 2023 वर्ल्ड कप के बाद के बदलाव में छुट्टी कर दी, भले ही वे इनमें से 10 टेस्ट जीते और 43.23 औसत से 1513 रन बनाए (जिसमें 5 शतक थे)। वैसे, कप्तान बनने से पहले का उनका रिकॉर्ड इससे भी बेहतर था।

2023–2026: 16 टेस्ट मैचों में कप्तान रहे शान मसूद को इसलिए हटा दिया क्योंकि वे सिर्फ़ 4 टेस्ट जीते और 12 हार गए। 33 के औसत से 915 रन बनाए, जो कप्तानी से पहले के उनके करियर औसत 28 से बेहतर था, लेकिन उनकी कप्तानी में टीम का जूझना मुसीबत बन गया। वैसे उन्हें तब कप्तान बनाया था जब टीम में उनकी जगह तक पक्की नहीं थी।

2026: बाबर आजम की टेस्ट कप्तान के तौर पर दूसरी पारी शुरू।

इस तरह से पाकिस्तान टीम लगभग 6 साल में 4 नियमित टेस्ट कप्तान के नेतृत्व में खेली जो और किसी भी दूसरे बड़े टेस्ट खेलने वाले देश के बिल्कुल उलट है। अब अगर बाबर फिर से टेस्ट कप्तान बनाए तो साफ़ है कि विकल्प की कमी और शान मसूद पर भरोसा न होने से इसकी नौबत आई। कई जानकार का तो ये मानना है कि शान मसूद 963 दिन तक कप्तान के तौर पर टिक गए, ये भी कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। सबसे बड़ी गड़बड़ ये हुई कि इनमें से किसी भी कप्तान का, टीम पर कोई कंट्रोल नहीं था और पाकिस्तान कभी भी टॉप-क्लास टेस्ट टीम जैसा खेला ही नहीं।

'स्ट्रेट ड्राइव' शो में सलमान बट के साथ एक इंटरव्यू में, बाबर ने भरोसा जताया कि इस बार वह बेहतर स्ट्रेटजी और पॉजिटिव सोच के साथ टीम की कप्तानी करेंगे, 'मेरा ध्यान तीन चीजों पर होगा: डिसिप्लिन, फिटनेस और परफ़ॉर्मेंस। हमने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड की कंडीशन, पिच और मौसम के हिसाब से तैयारी की है, और काउंटी क्रिकेट में खिलाड़ियों का अनुभव बड़ा काम आएगा।' ये सब सुनने में अच्छा लग रहा है पर सबसे ज़्यादा नजर उनकी अपनी कप्तानी पर होगी और अगर उन्हें लंबे समय तक टिके रहना है, तो इतिहास बदलना होगा।

हाल के सालों में पाकिस्तान क्रिकेट में बदलते कप्तान की इस दास्तान ने विश्व क्रिकेट में पाकिस्तान की स्थिति कमजोर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। वैसे, टेस्ट से हटकर अगर व्हाइट-बॉल क्रिकेट को देखें तो उसमें तो कप्तान और भी तेजी से बदले। आइए बाबर आजम से ही शुरू करते हैं:

अक्टूबर 2019: सरफराज अहमद की जगह बाबर आजम टी20 इंटरनेशनल के लिए कप्तान बने।

मई 2020: सरफराज अहमद की जगह बाबर आजम व्हाइट-बॉल क्रिकेट के लिए कप्तान बने।

जनवरी 2021: बाबर आजम सभी फॉर्मेट में कप्तान बन गए और घरेलू टेस्ट सीरीज (2021 में विरुद्ध दक्षिण अफ़्रीका) में 2-0 जीत के साथ शुरुआत की। यहीं से पाकिस्तान क्रिकेट में बाबर आजम का दौर शुरू हुआ।

नवंबर 2023: आईसीसी वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से पाकिस्तान के बाहर होने के बाद, बाबर आजम ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। तब शान मसूद को नया टेस्ट और शाहीन शाह अफरीदी को नया टी20 इंटरनेशनल कप्तान बनाया (पीएसएल में लाहौर कलंदर्स के लिए टाइटल जीतने से उन दिनों, उनकी बड़ी चर्चा थी)। बाबर को तब सिर्फ टेस्ट कप्तान बने रहने का ऑफर दिया था लेकिन वे नहीं माने और कहा कि पूरा ध्यान अपनी बैटिंग पर लगाना चाहते हैं।

मार्च 2024: सिर्फ़ एक सीरीज में हार (न्यूजीलैंड से 4-1 से) के बाद ही शाहीन शाह के साथ सब्र का बांध टूट गया हालांकि टी20 वर्ल्ड कप नजदीक ही था, और उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। बाबर की वापसी हुई और फिर से उन्हें व्हाइट-बॉल कप्तान बना दिया। इससे पाकिस्तान को कोई फायदा नहीं हुआ और टी20 वर्ल्ड कप में वे ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गए।

अक्टूबर 2024: ये हार बाबर के लिए व्हाइट-बॉल कप्तान की पोस्ट छोड़ने (दूसरी बार) के लिए काफ़ी थी। फिर से बाबर ने कहा कि वह अपनी बैटिंग पर फोकस करना चाहते हैं।
नवंबर 2024: मोहम्मद रिजवान, अब बाबर की जगह व्हाइट-बॉल कप्तान बन गए।

मार्च 2025: रिजवान की जगह, सलमान अली आगा नए टी20 इंटरनेशनल कप्तान बने और बाबर तो टीम से भी बाहर हो गए। पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के लिए रिजवान और बाबर दोनों के धीमे स्ट्राइक रेट को जिम्मेदार ठहराया गया। हैरानी की बात ये थी कि जिन सलमान को नया कप्तान बनाया, वे भी कोई बेहतर बल्लेबाज़ नहीं थे।

अक्टूबर 2025: वनडे के लिए अब मोहम्मद रिजवान की जगह शाहीन शाह अफरीदी को ले आए। कप्तान के तौर पर रिजवान का रिकॉर्ड मिला-जुला सा रहा, लेकिन बैटिंग में कुछ ख़ास न चले और इसी वजह से उनकी कप्तानी गई। शाहीन, जो पहले टी20 इंटरनेशनल कप्तान के तौर पर नाकाम रहे थे, अब वनडे कप्तान बना दिए।

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जून 2026: इस्तीफे, हटाए जाने और वापसी का एक और राउंड बाबर आजम को फिर से टेस्ट कप्तान बनाने से शुरू हो गया।

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Charanpal Singh Sobti
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