क्रिकेट के मैदान तक पहुंचने के लिए सभी खिलाड़ियों की अपनी संघर्ष की एक कहानी होती है। हालांकि कुछ क्रिकेटरों की संघर्ष की कहानी ऐसी होती है जो हमें जिंदगी में कुछ करने की प्रेरणा देती है और मन भावुक हो जाता है।

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आज जिस खिलाड़ी की प्रेरणा भरी कहानी के बारे में आपको बताएंगे,वह एमएस धोनी की कप्तानी में खेलने वाले चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज केएम आसिफ है। दुबई में स्टोर कीपर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने कभी सोचा नहीं होगा कि कभी धोनी जैसे महान क्रिकेटर की कप्तानी में खेलेंगे।

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केएम आसिफ को भी बचपन से ही क्रिकेट देखने और खेलने का शौक था। हालांकि उन्हें बल्लेबाजी से ज्यादा गेंदबाजी में रुचि थी। लेकिन आसिफ और क्रिकेट के बीच जो चीज दूरी बना रही थी वो थी इनके परिवार की गरीबी । 

ईएसपीएन क्रिकइनफो की खबर के अनुसार आसिफ के परिवार में उनके अलावा 4 और सदस्य है। इनके पिता एक मजदूर थे जिन्हें हर दिन कुछ छोटे-बड़े करके घर चलाने के लिए पैसा जुटाना पड़ता था। इनकी मां सभी दुःखों के बीच परिवार संभालने का काम करती थी। आसिफ के छोटे भाई की दिमागी हालत ठीक नहीं है और उनकी छोटी बहन ब्रेन इंजरी से लड़ रही है। इस हालात में आसिफ अपने परिवार को चलाने वाले अकेले व्यक्ति है।

बीजू जॉर्ज जो कि आईपीएल में कई टीमों के लिए बतौर फील्डिंग कोच तथा सहायक कोच के तौर पर भी काम कर चुके है उन्होंने कहा कि वो आसिफ से साल 2014 में मिले। तब जॉर्ज केरला क्रिकेट में एक कोच के रूप में बड़ा नाम थे और वही आसिफ के चेन्नई सुपर किंग्स की टीम तक पहुँचने में उनके मेंटर भी रहे है।

ईएसपीएन क्रिकइनफो से बातचीत में जॉर्ज ने बताया कि "जब मैं आसिफ से मिला तो उनका शरीर तेज गेंदबाजी के लिए नहीं बना था। लेकिन उनकी गेंद फेंकने की गति ने मुझे बहुत प्रभावित किया। आसिफ ने कोई ऐज-ग्रुप क्रिकेट नहीं खेला है और उनको अपने परिवार के लिए पैसे कमाने और क्रिकेट के बीच किसी एक को चुनना था। बाद में केरल में हुए गेंदबाजी ट्रायल में आसिफ फेल हो गए जिससे उन्हें बड़ा झटका लगा।"

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इसके बाद जॉर्ज ने अपने कुछ दोस्तों को जरिए दुबई में आसिफ के लिए स्टोर कीपर की नौकरी ढूंढ दी। इसके अलावा उन्होंने आसिफ के वीजा और टिकट का इंतजाम कराया और उन्हें यूएई भेज दिया ताकि वो वहां जाके अपने परिवार के लिए कुछ पैसे कमा सके।"

आसिफ वहां चले तो गए लेकिन क्रिकेट पर से अभी भी उनका ध्यान नहीं हटा था। आसिफ वहां एक "बेवरेज बॉटलिंग प्लांट" में स्टोर कीपर का काम करते थे। जिसके लिए उन्हें करीब एक लाख रुपये मिल रहे थे।  दुबई की गर्मी में एक कमरे में 7 लोगों के साथ रहना और हर दिन जिंदगी में कुछ अच्छा होने के बारे में सोचते हुए आसिफ वहां अपने दिन काट रहे थे। आसिफ अपने परिवार और क्रिकेट को बहुत मिस कर रहे थे इसलिए 2016 में करीब अप्रैल के महीने में पहली सैलरी मिलते ही वह भारत वापस आ गए। 

दुबई में ही आसिफ को पता चल गया था कि भारतीय बैंक आईडीबीआई ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जैफ थॉमसन के साथ भारत के कोने-कोने में तेजी गेंदबाजी के ट्रायल के लिए करार किया है। इस ट्रायल में जो गेंदबाज पास होगा उसे ग्लेन मैक्ग्राथ की निगरानी में चेन्नई स्थित "एमआरएफ पेस फाउंडेशन" में ट्रेनिंग करने की स्कॉलरशिप मिलेगी।

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भारत आते ही आसिफ ने वायनाड में ट्रायल दिया, जिसमें उन्हें थॉमसन ने चुन लिया। हालांकि उनके भारत वापस आने औऱ ट्रायल में चुने जाने की जानकारी जॉर्ज को नहीं थी। 

केरल के चयनकर्ताओं ने आसिफ को यह दिलासा दिया था कि अगले घरेलू टूर्नामेंट में उनको मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद वह निराश  होकर एक बार फिर वापस दुबई चले गए थे। इस बार उन्होंने सोच लिया था कि वह क्रिकेट में अपना और समय बर्बाद नहीं करेंगे। 

दुबई में विजिट वीजा होने के कारण आसिफ के पास कम समय था। वहां नौकरी ढूंढने के दौरान उन्हें पता चला कि आईसीसी अकादमी में यूएई की नेशनल टीम के लिए ट्रायल हो रहे है। वो वहां पहुँचे और अपना रेजिस्ट्रेशन करवा के अगले दिन लगातार 3 घंटे तक गेंदबाजी ट्रायल दिया। 

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वहां आसिफ की मुलाकात पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज और उस समय यूएई के कोच आकिब जावेद से भी हुई। हालांकि आसिफ का विजिटिंग वीजा कुछ दिनों में खत्म होने वाला था और उनके पास वापस भारत लौटने के अलावा कोई और चारा नहीं था।

आसिफ उसके बाद वापस भारत चले आए लेकिन भारत आने के बाद उन्हें एक बड़ी खुशी मिली। केरल आने के बाद उन्हें पता चला कि उनका चयन केरल की 2017-18 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की टीम में हुआ है उसके बाद आसिफ ने गोवा के खिलाफ टी-20 में अपना डेब्यू किया। 

इस मैच में मशहूर एल शिवारामाकृष्णन मैच कॉमेंटेटर थे। वह आसिफ की गेंदबाजी से बहुत प्रभावित हुए और बाद में उन्होंने आसिफ को चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाज़ी ट्रायल के लिए भेजा, और वह चुन लिए गए। 2017 में संजू सैमसन के कहने पर के आसिफ को दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में बतौर नेट गेंदबाज शामिल किया गया। इसके अलाव उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी नेट्स में गेंदबाजी की। 

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आखिरकार साल 2018 की आईपीएल नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम नेम उन्हें 40 लाख रुपए में खरीदा। उस साल चेन्नई के प्रमुख तेज गेंदबाज दीपक चाहर के चोटिल हो जाने के बाद आसिफ को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलने का मौका मिला। आसिफ ने अब तक चेन्नई के लिए दो मैच खेले हैं,जिसमें उनके नाम तीन विकेट हैं। 

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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