लॉर्ड्स में टेस्ट के दौरान क्वीन एलिजाबेथ का टीमों से मिलना एक परंपरा सा था और कई खिलाड़यों ने तो उनका नाम, उन बड़ी हस्तियों में लिखा- जिनसे वे अपने करियर के दौरान मिले। 96 साल की उम्र में क्वीन एलिजाबेथ की मृत्यु हो गई।

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क्रिकेटरों से मुलाकात तय प्रोटोकॉल के मुताबिक होती थी पर कई बार प्रोटोकॉल को तोड़ा भी गया। मसलन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में 1977 के सेंटनरी टेस्ट के दौरान, डेनिस लिली ने उनसे ऑटोग्रॉफ मांग लिए। इसी तरह, इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर पैट पोकॉक ने क्वीन से पूछ लिया था कि क्या उनके पास एफए कप फाइनल का टिकट है?

दूसरी तरफ, खुद क्वीन ने भी कई बार, खिलाड़ियों से, अपने मन से बात की- इसीलिए हर खिलाड़ी को हिदायत थी कि चौकन्ना रहें उनसे हाथ मिलाते हुए, मिलते हुए। इसी सिलसिले में एक किस्सा भारत के एक क्रिकेटर का है और उनसे तो क्वीन ने वह बात की जो न उससे पहले और न उसके बाद- किसी से की।

ये किस्सा है फारुख इंजीनियर का- भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज, जिन्होंने इंटरनेशनल करियर में 46 टेस्ट और 5 वनडे खेले। उनकी पहचान थी एक तेज तर्रार पर्सनालिटी, मॉडल जैसा चेहरा, अटैकिंग बल्लेबाज और स्टंप के पीछे बेहद फुर्तीले- इसीलिए पूरी दुनिया में बड़े लोकप्रिय थे।

1967 में मंसूर अली खान पटौदी की कप्तानी में भारत की टीम इंग्लैंड टूर पर थी। उन सालों में क्रिकेटर, बच्चे के जन्म के लिए टूर पर जाने से इंकार नहीं करते थे। इस टूर के दौरान, इंजीनियर की पत्नी, अपने पहले बच्चे के जन्म की उम्मीद कर रही थीं और डॉक्टर ने जो बताया था, उस हिसाब से डिलीवरी की तारीख लॉर्ड्स टेस्ट के साथ मेल खाती थी (टेस्ट : 22-26 जून)।

इसी टेस्ट की पहली सुबह, भारतीय टीम को क्वीन से मिलवाया गया था। जब वे टेस्ट के दौरान, टीम के साथ थीं तो एमसीसी को, भारत से, एक टेलीग्राम मिला। उन दिनों, तेजी से संदेश पहुंचाने का सबसे अच्छा तरीका, टेलीग्राम ही था। चूंकि टेलीग्राम का कवर बधाई वाला था इसलिए टेलीग्राम को एमसीसी के असिस्टेंट सेक्रेटरी डोनाल्ड कैर (भूतपूर्व टेस्ट क्रिकेटर) ने पढ़ लिया और द क्वीन को सौंप दिया। क्वीन ने भी इसे पढ़ा और अपने पास रख लिया।

जब वे इंजीनियर से मिलीं तो बोलीं- 'इंजीनियर, आपके लिए अच्छी खबर है।'

इंजीनियर ने जवाब दिया कि वे किसी अच्छी खबर की उम्मीद कर रहे थे। इंजीनियर को अंदाजा था कि ये अच्छी खबर उनके बच्चे के जन्म के बारे में ही हो सकती है।

इंजीनियर ने पूछा- 'क्या संदेश है- लड़का या लड़की, मैडम?

क्वीन ने पूछा- 'आपकी क्या इच्छा थी?'

इंजीनियर बोले- 'मुझे मालूम है कि बेटी ही होगी क्योंकि मेरी मां ने मुझे वायदा किया था कि वे मेरे पहले बच्चे के तौर पर लौटेंगी।'

क्वीन ये जवाब सुन कर हैरान रह गईं और मुस्कुराते हुए हुए आगे बढ़ गईं।

इस स्टोरी को समय के साथ, कुछ जगह अलग-अलग तरह से लिखा गया पर आम तौर पर यूं लिखा गया कि जब क्वीन ग्राउंड में टीम से मिलीं तो उन्होंने इंजीनियर को बधाई दी। ऐसा नहीं है। खुद फारूख इंजीनियर ने 2021 में लिखा कि ये बातचीत लॉर्ड्स के ऐतिहासिक लांग रूम में हुई थी। इंजीनियर की मां का निधन हो चुका था और उन्होंने इंजीनियर को कहा था- 'मैं तुम्हारे पहले बच्चे के रूप में तुम्हारे पास वापस आऊंगी।' इसलिए इंजीनियर को विश्वास था कि एक बेटी होने वाली है।

अपनी मां के नाम पर, इंजीनियर ने इस बेटी का नाम मिन्नी रखा। क्वीन के मुंह से ये खबर सुनना वे कभी भूलेंगे नहीं। कई यादें हैं उनकी क्रिकेट में तभी तो निधन की खबर पर इंग्लैंड में टेस्ट में भी एक दिन खेल नहीं हुआ।

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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