टीम इंडिया अपने दो टेस्ट वाले श्रीलंका टूर में पहला टेस्ट 15 अगस्त से ऐतिहासिक और दुनिया के सबसे खूबसूरत क्रिकेट स्टेडियम में से एक, गाले इंटरनेशनल स्टेडियम (Galle International Stadium) में खेलेगी। साथ में यह भारत का 600वां टेस्ट मैच भी होगा और ये रिकॉर्ड इस स्टेडियम के समृद्ध इतिहास में और एक नया पेज जोड़ेगा।

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वैसे भारत 2008-09 के बाद से श्रीलंका से कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारा है और टेस्ट की बात करें तो आखिरी हार 2015 में मिली थी। अपने इस बेहतर रिकॉर्ड को जारी रखने की कोशिश टीम इंडिया उस स्टेडियम से शुरू करेगी जहां क्रिकेट, इतिहास और प्रकृति का ऐसा अनोखा ऐसा संगम देखने को मिलता है, जो कहीं और नहीं है।

Galle International Stadium History: स्टेडियम का पहला नाम 'द एस्प्लेनेड (The Esplanade)' था और ये वास्तव में एक रेसकोर्स था। 1927 में इसे ऑफिशियल तौर पर क्रिकेट ग्राउंड मैदान में बदल दिया। यहां पहला टेस्ट 3 जून 1998 से न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले। एक अनोखी बात- गाले इंटरनेशनल स्टेडियम भूमध्य रेखा (इक्वेटर) से सिर्फ़ 669 किमी दूर है यानि कि दुनिया भर में भूमध्य रेखा के सबसे करीब टेस्ट वेन्यू।

गाले इंटरनेशनल स्टेडियम के साथ जुड़ी सबसे अनोखी बात है इसकी शानदार लोकेशन। एक तरफ है 17वीं सदी का एक डच किला (यूनेस्को की विश्व धरोहर लिस्ट में से एक) जिसे पुर्तगालियों ने बनाया और सालों बाद डच ने और मज़बूत किया। दूसरी तरफ़, बिल्कुल करीब है हिंद महासागर। समुद्र से नजदीकी और नमकीन हवा, लहराते ताड़ के पेड़ और यूरोपीय शासकों के दौर की दीवारें, इसे किसी स्टेडियम के बजाय किसी टूरिस्ट प्लेस का एक पोस्टकार्ड ज्यादा बना देती हैं। समुद्र से आती तेज हवाएं अक्सर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पर असर डालती हैं, खासकर सुबह खेल शुरू होने के सेशन में।

यह स्टेडियम, गाले क्रिकेट क्लब का हेड क्वार्टर भी है। इसका पवेलियन 1955 में एक पब्लिक लॉटरी से जुटाए पैसे से बना था और यही स्टेडियम का मुख्य पवेलियन था।

बहुत कम टेस्ट वेन्यू ऐसे हैं जहां ऐसे बड़े और अद्भुत रिकॉर्ड और प्रदर्शन देखने को मिले हैं:

शेन वॉर्न ने 2004 में अपना 500वां टेस्ट विकेट लिया।

मुथैया मुरलीधरन ने 2010 में अपने आख़िरी टेस्ट में प्रज्ञान ओझा को आउट कर 800 टेस्ट विकेट पूरे किए। उनके 800 में से 111 विकेट गाले में ही लिए थे।

वीरेंद्र सहवाग ने 2008 में श्रीलंका के विरुद्ध शानदार 201 रन बनाए।

क्रिस गेल ने 2010 में श्रीलंका के विरुद्ध 333 रन की जबरदस्त पारी खेली।

2004 में पाकिस्तान के विरुद्ध सनथ जयसूर्या के तूफ़ानी 253 इस स्टेडियम में खेली सबसे बेहतरीन पारी में से एक गिनते हैं।

2016 में, रंगना हेराथ ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध हैट्रिक ली। डेनियल विटोरी को पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट में सबसे कामयाब खब्बू स्पिनर का रिकॉर्ड भी यहां बनाया था।

2025 में, स्टीव स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे किए।

वह 26 दिसंबर 2004 का दिन था जब हिंद महासागर में आई सुनामी ने श्रीलंका के दक्षिणी पोर्ट को तबाह कर दिया और ये स्टेडियम भी उसकी चपेट में आ गया। तब तो लगा था कि स्टेडियम खत्म हो गया क्योंकि स्टेडियम की कई बिल्डिंग इसमें बह गईं। इसके बावजूद, स्टेडियम आउटफील्ड में आस-पास के सैकड़ों बचे लोगों के लिए राहत कैंप लगा। तब बर्बादी की हालत ये थी कि ज्यादातर ने कहा कि यहां फिर कभी इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। गाले इंटरनेशनल स्टेडियम ने तब अपनी द्रढ़ता का सबूत दिया और हार नहीं मानी।

पूरी दुनिया में क्रिकेट कम्युनिटी में हर किसी ने चाहा कि यहां फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलें। स्टेडियम को सही करने में बड़ा पैसा चाहिए था। ऐसे में सभी ने मदद की और 2006 में पुनर्निर्माण शुरू हो गया। यहां तक कि इयान बॉथम और शेन वॉर्न ने भी इस स्टेडियम से जुड़ी अपनी यादों को ध्यान में रखते हुए, व्यक्तिगत तौर पर भी फंड जुटाए। अभी काम शुरू ही हुआ था कि एक नई मुसीबत आ गई और काम रुक गया। एक नई बिल्डिंग ऐसी बना रहे थे जिससे पास के डच किले का नज़ारा छिप रहा था। तब जानकारों ने कहा कि ऐसा हुआ तो फोर्ट से यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा छीन सकते हैं। बहरहाल ये मुद्दा भी सुलझा लिया और काम फिर से शुरू हो गया। 2008 में स्टेडियम की टेस्ट क्रिकेट के कैलेंडर में शानदार वापसी हुई।

इसी सब की बदौलत आज गाले इंटरनेशनल स्टेडियम को क्रिकेट में हिम्मत और वापसी की सबसे बड़ी मिसाल में से एक मानते हैं। दुनिया भर में बहुत कम पिच ऐसी हैं जहां इस स्टेडियम जैसी तेजी से पिच का मिजाज बदलता है। उमस वाली गर्मी पिच को एकदम सुखा देती है और उमस में तेज गेंदबाजों की सारी एनर्जी खर्च हो जाती है। तीसरे दिन से पिच स्पिनरों को ज्यादा मदद देने लगती है। खास तौर पर मेहमान टीमों के लिए यहां रन बनाने से ज़्यादा मुश्किल होता है, टिके रहना। स्पिनरों ने यहां गिरे विकेट में से लगभग 70% विकेट लिए हैं और इसे दुनिया भर में स्पिन के लिए सबसे ज्यादा मददगार स्टेडियम में से एक गिनते हैं।

सुनामी से पहले की बात हो या बाद की, यहां की परिस्थितियों में श्रीलंका टीम ही फेवरेट है: खेले पहले 11 टेस्ट (सुनामी से पहले) में से 6 जीते थे और इन टेस्ट में अकेले मुरलीधरन ने 87 विकेट लिए थे। सुनामी के बाद बने स्टेडियम में भी ऐसा ही रिकॉर्ड रहा।

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स्टेडियम से जुड़े कुछ फैक्ट
• पहला टेस्ट: जून 1998 (श्रीलंका बनाम न्यूज़ीलैंड)
• दर्शक क्षमता: लगभग 35,000
• सिरे: सिटी एंड और फोर्ट एंड
• फ्लड लाइट्स: नहीं हैं
• कुल खेले टेस्ट: 49
• रिकॉर्ड: श्रीलंका ने जीते 27, मेहमान टीम की जीत 15 और 7 ड्रॉ

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Charanpal Singh Sobti
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