इन दिनों क्रिकेट से महान खिलाड़ियों का क्रिकेट को अलविदा कहने का दौर जारी है। पिछले दिनों क्रिकेट को अलविदा कहने वालों में साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस भी थे। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब श्रीलंकाई टीम के बेहतरीन बल्लेबाज महेला जयवर्धने ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है । जयवर्धने अभी वन डे क्रिकेट खेलते रहेंगे। यूं तो क्रिकेट ने कई असाधारण बैट्समैन दिए हैं पर महेला जयवर्धने ने अपनी बल्लेबाजी से श्रीलंका क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है ।

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27 मई 1977 को श्रीलंका के कोलंबो में जन्मे इस दाऐं हाथ के बल्लेबाज ने अपने टेस्ट करियर की शुरूआत 2 अगस्त 1997 में इंडिया के खिलाफ की थी। इंडिया के साथ अपने पहले ही टेस्ट में महेला जयवर्धने ने अर्धशतक जमाते हुए 66 रन की शानदार पारी खेली थी। पहले टेस्ट में जयवर्धने के साथ रोचक बात ये जुड़ी हुई थी कि पहले मैच में बल्लेबाजी करने के लिए महेला को लंबा इंताजार करना पड़ा था। महेला के बल्लेबाजी करने में इंताजार करने का कारण श्रीलंकाई टीम का इंडिया के खिलाफ उस टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन था। श्रीलंका ने पहली पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 952 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है।  पहली बार महेला को बल्लेबाजी करने का मौका मैच के आखरी दिन यानी पांचवे दिन मिला था। 1998  में ही महेला ने जिम्बांब्वे के खिलाफ खेलते हुए वनडे क्रिकेट में भी अपनी शुरूआत करी थी।

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अपने पूरे क्रिकेट करियर में महेला क्लासिक बल्लेबाज के अंदाज में क्रिकेट को अपना योगदान देते रहे थे। अपने करियर में इस दिग्गज बल्लेबाज ने श्रीलंका के लिए रिकॉर्डों की झड़ी लगा दी है । महेला श्रीलंका के तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनानें वाले पहले बल्लेबाज हैं । 2006 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ होम सारीज में खेलते हुए जयवर्धने ने अपनी बल्लेबाजी से अफ्रीकी बॉलरों की जमकर खबर ली थी। साउथ अफ्रीका के साथ दूसरे टेस्ट में तीहरा शतक 374 रन बनाकर महेला श्रीलंका के तरफ से किसी भी टीम के खिलाफ खेलते हुए सबसे ज्यादा रन बनानें वाले बल्लेबाज बन गए थे। टेस्ट करियर में महेला का बल्लेबाजी औसत 50 के आस – पास रहा है। श्रीलंकन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 10,000 रन बनानें वाले महेला पहले बल्लेबाज थे। महेला के साथ – साथ संगाकारा और सनथ जयसूर्या श्रीलंका के तरफ से इस दस हजारी क्लब में शामिल हैं। महेला के रिकॉर्डों की लंबी कतार में उनके नाम एक और कारनामा शामिल है । तीसरे विकेट के लिए महेला ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा पार्टनरशिप करी है। टेस्ट क्रिकेट में तीसरे विकेट के लिए 5,890 रन की पार्टनरशिप जयवर्धने ने करी है। जयवर्धने से पहले तीसरे विकेट की पार्टनरशिप का रिकॉर्ड भारत के सचिन और राहुल द्रविड़ के नाम था। इन दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए लगभग 5,826 रन की पार्टनरशिप करी थी। 

महेला जयवर्धने ने श्रीलंकन टीम की कप्तानी 2006 के इंग्लैंड दौरे पर संभाली थी।  उस समय के टीम के कप्तान रहे मरवन अटापट्टू इंग्लैंड दौरे पर नहीं गए थे। महेला की कप्तानी में श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज को 1- 1 की बराबरी कर ड्रा करी थी लेकिन वनडे सीरीज में इंग्लैंड ने श्रीलंका को पटखनी देते हुए श्रीलंका का 5-0 से व्हाइटवॉश कर दिया था। 2007 में विजडन ने महेला को विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना था। 2007 के वर्ल्ड कप में जयवर्धने ने श्रीलंका की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाए थे। जयवर्धने ने एक शतक और 4 अर्धशतक जड़कर 2007 वर्ल्ड कप में  सबसे ज्यादा रन बनानें के मामले में दूसरे नंबर पर काबिज थे। महेला जयवर्धने ने सभी टेस्ट मैच खेलने वाली टीमों के खिलाफ शतक जड़ा हुआ है । कप्तानी में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 2006 में आईसीसी ने कैप्टन ऑफ द ईयर से सम्मानित किया था।

वर्ल्ड वनडे इंटरनेशनल टीम ऑफ द ईयर 2006 के टीम के लिए महेला को कप्तान के रूप में चुना गया था। 2007 में महेला के क्रिकेट में अच्छे व्यवहार के लिए स्प्रीट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड  से भी नवाजा गया था। महला जयवर्धने ने 149 टेस्ट मैच खेलते हुए 11,814 रन बनाएं हैं, जिसमें 34 शतक और 50 अर्धशतक जड़े हैं तो वहीं वनडे में महेला ने 420 मैच खेलते हुए 11,681 रन बनाएं हैं । वनडे में महेला ने 16 शतक और 72 अर्धशतक बनाए हैं । वनडे मैच में महेला का 144 रन सबसे सर्वोच्च स्कोर रहा है । वनडे मैच में सबसे ज्यादा 204 कैच लेने का रिकॉर्ड भी इस क्रिकेटर के नाम दर्ज है । 25 फरवरी 2014 को एशिया कप में पाकिस्तान के साथ वनडे मैच में शिरकत करते ही महेला सचिन तेंदुलकर के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे खिलाड़ी बने जिसने 600 इंटरनेशनल मैच में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है । 14 जुलाई 2014 को महेला जयवर्धने ने क्रिकेट से अलग होने की घोषणा कर दी थी। 

(विशाल भगत)

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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