आईपीएल 2024 के लिए दिसंबर 2023 के ऑक्शन में मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) के पैट कमिंस को मात देकर 24.75 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट ले जाने के बारे में इतना सब कुछ लिखा जा चुका है कि लगता है कुछ बचा ही नहीं। पैट कमिंस आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी बने जरूर पर कुछ मिनट के लिए और स्टार्क को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 24.75 करोड़ रुपये ($2.98 मिलियन यूएसडी) में खरीद लिया।

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स्टार्क के लिए आईपीएल में खेलने का किस्सा यहीं ख़त्म नहीं होता- ये ऐसा लगातार दूसरा सीजन है जिसमें स्टार्क अपने आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट की वजह से ख़ास चर्चा में रहे। पिछला किस्सा क्या है? 

 
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सब जगह ये लिखा है कि स्टार्क इससे पहले 2014 और 2015 आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेले। सच ये है कि उन्हें 2018 आईपीएल में भी खेलना था पर उनके आईपीएल रिकॉर्ड में इस सीजन का कहीं जिक्र नहीं। ऐसा क्यों?

2018 आईपीएल सीजन के लिए ऑक्शन रजिस्ट्रेशन लिस्ट में वे भी थे- बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये था। तब भी उन्हें खरीदने की होड़ थी। आखिर में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.4 करोड़ रुपये (1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की बिड पर उन्हें हासिल कर लिया- तब वे 2018 आईपीएल नीलामी में 6वें सबसे महंगे क्रिकेटर थे।

आईपीएल 2018 से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम 2017/18 समर में दक्षिण अफ्रीका टूर पर गई (वही टूर जिसे न्यूलैंड्स टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़छाड़ के कांड के लिए याद किया जाता है)- वहां स्टार्क को चोट लग गई। दाहिनी टिबियल हड्डी में फ्रैक्चर से न सिर्फ वे इस सीरीज के बीच में टीम से बाहर हुए, आईपीएल से भी बाहर हो गए। 

अब शुरू होता है असली किस्सा। चूंकि स्टार्क आईपीएल में खेलने के लिए टीम में 'शामिल' ही नहीं हुए और सीजन से पहले चोटिल थे- आईपीएल रूल बुक के अनुसार उन्हें इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए केकेआर से कोई पैसा नहीं मिलना था। आईपीएल के नजरिए से ये किस्सा यहीं खत्म हो गया और स्टार्क ने इस पर कोई शोर भी नहीं किया। 

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यहां से शुरू हुई एक और स्टोरी। स्टार्क बड़े होशियार निकले और वह किया जो आम तौर पर क्रिकेटर नहीं करते। स्टार्क ने पहले ही लंदन के लॉयड से एक इंश्योरेंस पॉलिसी ले ली थी- आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट की रकम के नुक्सान को बचाने के लिए आम वजह से हट कर परिस्थितियों के लिए कवरेज ले लिया था। आम तौर पर इंश्योरेंस कंपनी ऐसी पॉलिसी देती नहीं पर स्टार्क को मिल गई थी। तो बात साफ़ है- चूंकि केकेआर से कुछ मिला नहीं, इसलिए स्टार्क ने आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट फीस का एक बड़े हिस्से (पॉलिसी की पूरी रकम) का क्लेम इंश्योरेंस कंपनी से मांग लिया। 

जो अंदाजा लगाया था, वही हुआ और इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम की रकम देने से साफ़ इंकार कर दिया। स्टार्क चुप नहीं बैठे और जब बातों और चिट्ठियों से बात नहीं बनी तो इंश्योरेंस कंपनी पर केस कर दिया। 

कोर्ट में बहस का मुद्दा था- चोट लगी कैसे? स्टार्क के वकील का तर्क था कि उन्हें 'घिसी हुई पिच पर बने उबड़खाबड़ पैरों के निशान' पर गेंदबाजी से दाहिनी पिंडली में अचानक दर्द शुरू हुआ और उससे दाहिनी टिबियल हड्डी में चोट लग गई। इसके बाद, आगे के सैशन और अगले टेस्ट के दौरान ये और बिगड़ गई। इंश्योरेंस कंपनी ये मानने को तैयार नहीं थी कि ये 'आम वजह से हट कर परिस्थिति' थी क्योंकि कवर सिर्फ इसी में जोखिम का लिया था। 

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स्टार्क ने इस पॉलिसी कवर के लिए 97920 डॉलर का प्रीमियम दिया था। उस समय इंश्योरेंस कंपनी ने उनका पूरा मेडिकल कराया था और तब वे पूरी तरह से फिट थे। इसके बावजूद इंश्योरेंस कंपनी यही साबित करने की कोशिश करती रही कि ऐसी चोट 'अचानक या अप्रत्याशित घटना' नहीं है। इस चोट को पकड़ना, हुए मेडिकल टेस्ट के दायरे में नहीं था। वे ये भी दलील दे रहे थे कि तकलीफ सामने आने के बावजूद स्टार्क गेंदबाजी करते रहे जिससे आखिरकार हालत ये हुई कि वे आईपीएल में न खेल पाए। 

यहां तक कि कोर्ट में न सिर्फ दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट की वीडियो फुटेज, ऑस्ट्रेलिया में पिछली एशेज सीरीज के दौरान स्टार्क की 4 टेस्ट में गेंदबाजी की भी फुटेज देखी गई। दुनिया के कई बड़े डॉक्टर कोर्ट में बुलाए गए- इस तकलीफ की रिपोर्ट स्टडी करने के लिए। इनमें से डॉ. सीएमएस डाल्टन और आर्थोपेडिक सर्जन रसेल मिलर की स्टेटमेंट ने स्टार्क की सबसे ज्यादा मदद की।  

विक्टोरियन काउंटी कोर्ट में, अचानक ही आख़िरी सुनवाई से दो दिन पहले, इंश्योरेंस कंपनी ने स्टार्क से कोर्ट के बाहर समझौता कर लिया और 1.53 मिलियन अमेरिकी डॉलर का चैक मिला स्टार्क को- केकेआर से मिलने वाली कॉन्ट्रैक्ट फीस का 85 प्रतिशत। स्टार्क ने इसी रकम की पॉलिसी ली थी।आईपीएल में बिना एक गेंद फेंके वे इतनी बड़ी रकम ले गए। संयोग देखिए कि फिर से 2024 आईपीएल के लिए भी केकेआर ने ही स्टार्क को खरीदा है- इस बार 24.75 करोड़ रुपये में। 

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लगभग डेढ़ साल ये केस चला था और अगस्त 2020 में मिचेल स्टार्क को 1.53 मिलियन डॉलर का चैक मिला।
 

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Charanpal Singh Sobti
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