अगर एक क्रिकेटर के तौर पर बात करें तो एमएस धोनी की पहचान है- विकेटकीपर-बल्लेबाज की उनकी ख़ास भूमिका। इसीलिए उनका रिकॉर्ड पूछा जाए तो जवाब में उनके रन, औसत के साथ-साथ विकेटकीपर के तौर पर डिसमिसल का जिक्र किया जाता है। इसके उलट, अगर उनका टी 20 क्रिकेट रिकॉर्ड देखें तो एक बड़ी मजेदार बात सामने आती है और इसकी चर्चा सीधे आईपीएल से जुड़ती है। 

Advertisement

3 अप्रैल को ब्रेबोर्न स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स ने पंजाब किंग्स के विरुद्ध जो मैच खेला ये धोनी का 350वां टी 20 मैच था- इन 350 मैच में से सिर्फ एक ऐसा है जिसमें धोनी ने गेंदबाजी भी की। वैसे तो धोनी ने टेस्ट और वन डे इंटरनेशनल में भी गेंदबाजी की पर 98 टी20 इंटरनेशनल में कभी गेंदबाजी नहीं की। तो ऐसा क्या हुआ था कि उस टी 20 मैच में धोनी ने गेंदबाजी की? जब इस सवाल का जवाब ढूंढें तो इसके तार सीधे इन दिनों खेली जा रही आईपीएल से जुड़ते हैं। कैसे?

Advertisement

जब इस आईपीएल सीजन के शुरू होने से पहले धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी छोड़ी तो ये रिकॉर्ड चर्चा में आया कि धोनी इससे पहले आईपीएल में सिर्फ स्टीव स्मिथ की कप्तानी में खेले हैं- फर्क ये कि तब स्मिथ चेन्नई टीम के कप्तान नहीं थे, वे पुणे सुपर जायंट्स के लिए खेल रहे थे और प्रतिबंध के कारण चेन्नई टीम आईपीएल से बाहर थी। इसलिए सही मायने में धोनी आईपीएल में सिर्फ रवींद्र जडेजा की कप्तानी में खेल रहे हैं। रिकॉर्ड भी यही बताता है- 3 अप्रैल 2022 तक आईपीएल में धोनी ने जो 193 मैच खेले, उनमें से 190 में वे कप्तान थे और 3 मैच 2022 सीजन के हैं। जिन 5 मैच में सुरेश रैना चेन्नई के कप्तान रहे- उनमें धोनी नहीं खेले थे।

फिर भी एक टी 20 मैच ऐसा है जिसमें धोनी खेले सुरेश रैना की कप्तानी में और संयोग देखिए कि यही वो मैच है जिसमें धोनी ने गेंदबाजी की। 

ये बात है चैंपियंस लीग 2012 की। उसमें, चेन्नई सुपर किंग्स ने एक मैच यॉर्कशायर के विरुद्ध खेला- डरबन में। चेन्नई के नजरिए से इस मैच में हार-जीत का उनके लिए कोई महत्व नहीं था। हैरान करने वाले फैसले लेने के लिए मशहूर धोनी ने इस मैच में कप्तानी और विकेटकीपिंग दोनों से छुट्टी ले ली पर मैच खेले- कप्तानी डिप्टी सुरेश रैना को सौंपी और रिद्धिमान साहा को विकेटकीपिंग ग्लव्स दे दिए। और ख़ास बात ये थी कि उन्होंने 'रिमोट कंट्रोल' कप्तानी की कोशिश नहीं की- जैसा वे अब कर रहे हैं। तब यॉर्कशायर के कप्तान एंड्रयू गेल थे।  

यॉर्कशायर ने 20 ओवर में 140/6 का स्कोर बनाया। जवाब में धोनी ने 23 गेंद में 31 रन बनाए। सुब्रमण्यम बद्रीनाथ, मैन ऑफ द मैच रहे और 38 गेंद में 47 रन बनाए। यॉर्कशायर ने 141 रन का लक्ष्य दिया जिसे 19 ओवर में हासिल करते हुए चेन्नई ने मैच जीत लिया। यॉर्कशायर की पारी में वह बात हुई जिसका ऊपर जिक्र है।

Advertisement

असल में ये मैच शुरू होने से पहले, धोनी को जब ग्राउंड के बाहर प्रैक्टिस के तौर पर गेंदबाजी करते देखा गया था तो बड़ी हैरानी हुई थी। इसी से ये चर्चा भी शुरू हो गई थी कि वे आज गेंदबाजी करेंगे। वही हुआ और धोनी ने दो महंगे ओवर फेंके।

पारी का 15 वां ओवर : यॉर्कशायर मुश्किल में और स्कोर 88-3 था। धोनी ने 2 वाइड समेत 7 रन दिए- तारीफ़ ये कि ओवर में कोई बॉउंड्री शॉट नहीं था।
पारी का 17 वां ओवर : इस बार सारी कसर निकल गई और उस ओवर में 18 रन दे दिए जिनमें दो लगातार छक्के भी थे।

धोनी के दो ओवर में जो 25 रन बने- उन्हीं से यॉर्कशायर ने कुछ सम्मानजनक स्कोर बनाया। इससे पहले और इसके बाद, अब तक धोनी ने किसी टी 20 मैच में गेंदबाजी नहीं की है।

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Read More
ताजा क्रिकेट समाचार