इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का 2026-27 सीजन 10 अक्टूबर से शुरू होगा और अगले साल मई तक चलेगा। इस बार टूर्नामेंट पुराने होम-एंड-अवे फॉर्मेट में खेला जाएगा।
खास बात यह है कि इस सीजन का आयोजन नए क्लब-लीड मॉडल के तहत होगा, जिसमें क्लबों की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगी। इससे लीग को ज्यादा बेहतर तरीके से चलाने और क्लबों को अधिक अधिकार देने की कोशिश की जाएगी।
'ईएसपीएन' की रिपोर्ट के अनुसार, आईएसएल द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि आगामी सीजन में 8 महीनों के दौरान 163 मैच खेले जाएंगे और लीग में फिलहाल 13 टीमें हिस्सा लेंगी।
लीग स्टेज में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ दो-दो मैच खेलेंगी। एक मैच अपने घरेलू मैदान और दूसरा विपक्षी टीम के मैदान पर होगा। लीग स्टेज खत्म होने के बाद अंक तालिका में सबसे ऊपर रहने वाली टीम को आईएसएल शील्ड विजेता घोषित किया जाएगा और उसे आधिकारिक आईएसएल चैंपियन का दर्जा मिलेगा।
इसके अलावा, लीग में पहला स्थान हासिल करने वाली टीम को एशियाई क्लब प्रतियोगिता में खेलने का मौका भी मिलेगा।
इस सीजन में प्लेऑफ सिस्टम की भी वापसी होगी, जिसमें लीग चरण की शीर्ष 6 टीमें नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी। प्लेऑफ की विजेता टीम को आईएसएल कप चैंपियन का खिताब दिया जाएगा।
टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमें: बेंगलुरु एफसी, चेन्नईयिन एफसी, चर्चिल ब्रदर्स एफसी, ईस्ट बंगाल एफसी, एफसी गोवा, इंटर काशी एफसी, केरल ब्लास्टर्स एफसी, मोहन बागान सुपर जाइंट, मुंबई सिटी एफसी, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, ओडिशा एफसी, पंजाब एफसी और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली होंगी।
डायमंड हार्बर एफसी ने 2025-26 इंडियन फुटबॉल लीग का खिताब जीतकर आईएसएल में जगह बनाई थी, लेकिन क्लब इस सीजन में टूर्नामेंट नहीं खेल पाएगा। इसकी वजह यह है कि वह लीग में शामिल होने के लिए जरूरी प्रशासनिक शुल्क जमा करने की शर्त पूरी नहीं कर सका। इस कारण, प्रमोशन हासिल करने के बावजूद डायमंड हार्बर एफसी को आईएसएल 2026-27 सीजन से बाहर रहना पड़ेगा।
लीग के प्रमोशन और रेलीगेशन स्ट्रक्चर के तहत, डायमंड हार्बर को स्टैंडिंग में सबसे नीचे रखा जाएगा और उन्हें सीजन के दौरान अंक हासिल करने की अनुमति नहीं होगी। आधिकारिक बयान के मुताबिक, डायमंड हार्बर एफसी सिर्फ इस सीजन का आईएसएल मौका ही नहीं गंवाएगा, बल्कि 2027-28 सीजन के लिए भी उसका आईएसएल दर्जा खत्म हो जाएगा। इसके बाद क्लब को दोबारा इंडियन फुटबॉल लीग (आईएफएल) में खेलना होगा।
डायमंड हार्बर एफसी ने 2025-26 इंडियन फुटबॉल लीग का खिताब जीतकर आईएसएल में जगह बनाई थी, लेकिन क्लब इस सीजन में टूर्नामेंट नहीं खेल पाएगा। इसकी वजह यह है कि वह लीग में शामिल होने के लिए जरूरी प्रशासनिक शुल्क जमा करने की शर्त पूरी नहीं कर सका। इस कारण, प्रमोशन हासिल करने के बावजूद डायमंड हार्बर एफसी को आईएसएल 2026-27 सीजन से बाहर रहना पड़ेगा।
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इसके अलावा, होम-एंड-अवे फॉर्मेट की वापसी से क्लबों को अपने घरेलू मैदान पर ज्यादा मैच खेलने का मौका मिलेगा। इससे वे अपने प्रशंसकों के सामने खेल सकेंगे और उन्हें बेहतर समर्थन मिलेगा। वहीं, भारतीय फुटबॉल फैंस को भी आईएसएल का वही परिचित और लोकप्रिय फॉर्मेट फिर से देखने को मिलेगा, जिसमें हर टीम घर और बाहर दोनों जगह मुकाबले खेलती है।