Salt Lake Stadium: कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को मेसी इवेंट में बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली, जिसके बाद सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में दो जनहित याचिकाएं (पीआईएल) दाखिल की गई हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने दोनों याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है। मंगलवार को इन पर सुनवाई की उम्मीद होगी।
पहली पीआईएल सीनियर एडवोकेट बिल्वदल भट्टाचार्य ने दायर की। उनकी इस पीआईएल में टिकटों की बिक्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी जांच की मांग की गई है। मेसी से जुड़े इस इवेंट में टिकटों की कीमतें अलग-अलग थीं। ये कीमतें 3,000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक थीं।
दूसरी पीआईएल, सीनियर एडवोकेट सब्यसाची चट्टोपाध्याय ने दायर की है, जिसमें इस मामले की जांच भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने की मांग की गई है।
सब्यसाची चट्टोपाध्याय की पीआईएल में मेसी के शो में कुप्रबंधन की जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित समिति को चुनौती दी गई है।
इस याचिका में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से बनाई गई जांच समिति सिर्फ दिखावा है और इसका मकसद मैनेजमेंट के पीछे मुख्य दोषियों को बचाना है।
सब्यसाची चट्टोपाध्याय की पीआईएल में मेसी के शो में कुप्रबंधन की जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित समिति को चुनौती दी गई है।
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इस गड़बड़ी के तुरंत बाद मुख्यमंत्री की ओर से घोषित जांच समिति की अध्यक्षता कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस (रिटायर्ड) असीम कुमार रे कर रहे हैं। समिति के अन्य दो सदस्य पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, मनोज पंत और गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती हैं।