कॉमनवेल्थ गेम्स के सौवें संस्करण की मेजबानी करने की अहमदाबाद की तैयारी रविवार को आधिकारिक रूप से शुरू होगी। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन मिलेगा। इसके लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मौजूद हैं।
क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ, कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और मेजबान बैटन आधिकारिक रूप से अहमदाबाद के प्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे।
हैंडओवर सेरेमनी में ग्लासगो के दर्शकों को अहमदाबाद 2030 का पहला प्रीव्यू भी दिखाया जाएगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और गुजरात की पहचान को दिखाने वाला एक कार्यक्रम होगा। सेरेमनी की एक खास बात किंग्स बैटन रिले है, जो कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के मुताबिक, यह रिले सभी 74 कॉमनवेल्थ देशों और इलाकों से होकर गुजरेगी।
गेम्स के इतिहास में पहली बार, हर हिस्सा लेने वाले देश और इलाके को अपना बैटन मिलेगा, जिससे हर जगह अपनी संस्कृति, विरासत और रचनात्मकता को दिखाया जा सकेगा। हर बैटन पर यूके के राजा चार्ल्स तृतीय का एक संदेश होगा, जो रिले में शुरुआती संदेश देते हैं। बैटन को समाज में अच्छे योगदान देने वाले लोग ले जाते हैं, और आखिर में बैटन गेम्स से पहले मेजबान शहर पहुंचता है। किंग्स बैटन रिले पहली बार 1958 में कार्डिफ में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शुरू की गई थी।
ग्लासगो हैंडओवर सेगमेंट को तीन हिस्सों में डिजाइन किया गया है। ओपनिंग एक्ट 'वंदे मातरम' की 150वीं सालगिरह मनाएगा। इसके बाद सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा और स्कॉटिश पाइपर रॉस आइंस्ली की क्लासिकल इंडियन 'जुगलबंदी' होगी, जो ग्लासगो 2026 और अहमदाबाद 2030 के बीच कनेक्शन को दिखाएगी।
आखिरी सेगमेंट में पूरे भारत की एक विजुअल यात्रा दिखाई जाएगी, जिसमें गुजरात पर खास फोकस होगा।
ग्लासगो 2026 की चीफ मार्केटिंग और सेरेमनी ऑफिसर लुईसा महोन ने कहा कि यह हैंडओवर एक सेरेमोनियल परंपरा से कहीं ज्यादा है।
उन्होंने कहा, "यह इंडियन सितार और स्कॉटिश पाइप के फ्यूजन के जरिए दो देशों की भावना को एक ही स्टेज पर लाएगा और साथ ही वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह भी मनाएगा।"
महोन ने कहा कि ग्लासगो में दर्शकों को अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की पहली झलक मिलेगी।
ग्लासगो 2026 के सेरेमनी डायरेक्टर, चंदा सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को एक ऐसे भारत को दिखाने के लिए डिजाइन किया गया है जो अपनी परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है और आत्मविश्वास से भरा है।
महोन ने कहा कि ग्लासगो में दर्शकों को अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की पहली झलक मिलेगी।
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कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। अहमदाबाद में आयोजित होने वाला कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 ,गेम्स का 100वां वर्ष होगा।