अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने शुक्रवार को एआईएफएफ के स्वामित्व वाली प्रतियोगिताओं और संपत्तियों से जुड़े कमर्शियल राइट्स के लिए जारी आरएफपी (आरएफपी) की बोलियां प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल), फेडरेशन कप (पहले सुपर कप), इंडियन विमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) और इंडियन विमेंस लीग 2 के राइट्स के लिए बोली लगाई गई।
तीन संगठनों से बोलियां प्राप्त हुईं। फैनकोड और जीनियस स्पोर्ट्स ने आईएसएल और फेडरेशन कप (या सुपर कप) के कमर्शियल राइट्स के लिए बोली लगाई। वहीं, कैप्री स्पोर्ट्स ने इंडियन वुमेंस लीग और इंडियन विमेंस लीग 2 के कमर्शियल राइट्स के लिए बोली लगाई।
बोलियां 15 साल की अवधि के लिए जमा की गई हैं, जिसमें पांच साल के अतिरिक्त विस्तार का प्रावधान है। बोली लगाने वाले को 'पहले मना करने का अधिकार' होगा। प्रस्ताव में समझौते की अवधि के दौरान हर साल मूल्य में पांच प्रतिशत की वृद्धि भी शामिल है।
बोली मूल्यांकन रिपोर्ट एआईएफएफ की कार्यकारी समिति के समक्ष रखी जाएगी, जिसकी बैठक 29 मार्च को होगी, उसी दिन इस पर निर्णय आने की उम्मीद है।
इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) और इंडियन फुटबॉल लीग वर्तमान में देश भर के विभिन्न केंद्रों पर खेली जा रही हैं। मैचों का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, और वेव्स और सोनी लिव पर इनकी स्ट्रीमिंग होगी।
बोली मूल्यांकन रिपोर्ट एआईएफएफ की कार्यकारी समिति के समक्ष रखी जाएगी, जिसकी बैठक 29 मार्च को होगी, उसी दिन इस पर निर्णय आने की उम्मीद है।
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2010 में हस्ताक्षरित 'मास्टर राइट एग्रीमेंट' (एमआरए) यह सुनिश्चित करता है कि एआईएफएफ को एफएसडीएल से सालाना 50 करोड़ रुपए प्राप्त हों। यह समझौता 8 दिसंबर को समाप्त हो गया था, और एआईएफएफ और एफएसडीएल दोनों ही इसे आगे बढ़ाने के लिए किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके, जिसके कारण इंडियन सुपर लीग की शुरुआत महीनों तक टल गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2025-26 सीजन पिछले महीने शुरू हुआ।