भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में विवादों से घिरे चयन ट्रायल पूरे कर लिए, जिसके साथ आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला कुश्ती टीम का स्वरूप तय हो गया।
अंतिम पंघाल, निशा दहिया, मनीषा, मानसी अहलावत, दीपांशी और प्रिया जैसी शीर्ष पहलवानों ने मैट पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने भारवर्ग में गोल्ड जीते और एक मजबूत राष्ट्रीय टीम की अगुवाई करने के लिए अपनी जगह पक्की कर ली।
महिलाओं की 53 किलोग्राम भारवर्ग सबसे ज्यादा विवादों में रही, जिसमें ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से एक विवादित मुकाबले में हार गईं, जिसके बाद विनेश और उनके पति सोमवीर ने मैच में रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें 'ठगा हुआ' महसूस हुआ।
इसके बाद मीनाक्षी एक और विवादित मुकाबले में अंतिम से हार गईं और उन्होंने फाइनल में रेफरी के फैसलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
50 किलोग्राम वर्ग में दीपांशी ने गोल्ड जीता, जबकि प्रियांशी को सिल्वर मिला। 53 किलोग्राम श्रेणी में अंतिम ने मीनाक्षी को हराकर गोल्ड अपने नाम किया, जबकि 57 किलोग्राम वर्ग में मनीषा ने नेहा शर्मा को शिकस्त देकर गोल्ड हासिल किया।
इसके बाद मीनाक्षी एक और विवादित मुकाबले में अंतिम से हार गईं और उन्होंने फाइनल में रेफरी के फैसलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, "मैं उन सभी पहलवानों को तहे दिल से बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने आज शानदार प्रदर्शन किया और टीम में अपनी जगह पक्की की। प्रतियोगिता का स्तर असाधारण था, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हमारी महिला कुश्ती की अगली पीढ़ी बेहद मजबूत है। इन एथलीट्स ने मैट पर जबरदस्त हिम्मत और तकनीकी कौशल दिखाया है। मैं उन्हें एशियन गेम्स में उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हमें पूरा भरोसा है कि वे देश के लिए बहुत गौरव लेकर आएंगी।"