वियतनाम के दा नांग में अंडर-17 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं की कुश्ती स्पर्धाओं में भारत की युवा पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीते।
दीक्षा (43 किग्रा) ने अपने दमदार प्रदर्शन से अगुवाई की, और फाइनल में असंगार्येवा (किर्गिस्तान) को 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। फाइनल मुकाबले तक पहुंचने के रास्ते में उन्होंने इससे पहले किर्गिस्तान (8-0) और वियतनाम (10-0) की प्रतिद्वंद्वियों को हराया था।
73 किग्रा वर्ग में, गरिमा ने अपने आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में नामुनत्सेत्सेग बातबोल्ड (मंगोलिया) को 18-6 से हराया और भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक पक्का किया।
भारत ने निकिता (49 किग्रा) और अंतरा (65 किग्रा) के जरिए दो रजत पदक भी अपने नाम किए। निकिता फाइनल में युआन युटिंग (चीन) से 2-10 से हार गईं, जबकि अंतरा स्वर्ण पदक के मुकाबले में सियू वेई (चीन) से 0-5 से हार गईं। हालांकि इससे पहले उन्होंने जापान के खिलाफ सेमीफाइनल में कड़ा मुकाबला जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था।
साक्षी (57 किग्रा) ने इस दिन भारत के लिए एकमात्र कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में करीबी हार के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मेडल प्लेऑफ में अरिना कुआनिशोवा (कजाकिस्तान) को 10-0 से हराया।
आयु-वर्ग स्तर पर भारत की लगातार सफलता महिलाओं की कुश्ती में उभरती प्रतिभाओं की गहराई को दर्शाती है। यह सफलता इस सप्ताह की शुरुआत में अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में देश के शानदार प्रदर्शन के बाद मिली है।
साक्षी (57 किग्रा) ने इस दिन भारत के लिए एकमात्र कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में करीबी हार के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मेडल प्लेऑफ में अरिना कुआनिशोवा (कजाकिस्तान) को 10-0 से हराया।
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पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत की महिला पहलवानों का भी दबदबा कायम रहा, और उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 10 पदक अपने नाम किए। महिला दल ने कुल 6 स्वर्ण पदक जीते। मुस्कान (53 किग्रा), तपस्या (57 किग्रा), भाग्यश्री (62 किग्रा), पुलकित (67 किग्रा), मानसी (68 किग्रा), और काजल (76 किग्रा) ने अपने-अपने खिताबी मुकाबलों में बेहतरीन तकनीकी काबिलियत का प्रदर्शन किया। नेहा (59 किग्रा) और स्वीटी (50 किग्रा) ने बहादुरी से लड़ते हुए रजत पदक जीते, जबकि अमृता (72 किग्रा) और अहिल्या (55 किग्रा) ने कांस्य पदक जीतकर पोडियम पर अपनी जगह बनाई।