'फीफा वर्ल्ड कप' के इतिहास में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं। 11 जून से 19 जुलाई के बीच यह टूर्नामेंट संयुक्त रूप से यूएसए, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में खेला जाएगा। यह अब तक आयोजित सबसे बड़ा फीफा वर्ल्ड कप भी होगा, जिसमें हिस्सा लेने वाले देश भी ज्यादा होंगे और मुकाबलों की संख्या भी इस बार पहले से कहीं अधिक होगी।
पिछली प्रणाली के तहत, 32 टीमों को चार-चार टीमों के 8 ग्रुप में बांटा जाता था। प्रत्येक ग्रुप की टॉप-2 टीमें नॉकआउट चरणों के शुरू होने से पहले 'राउंड ऑफ 16' में पहुंचती थीं, लेकिन इस बार फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने वाले देशों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है, जिन्हें चार-चार टीमों के 12 ग्रुप (ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच, आई, जे, के, एल) में बांटा गया है। प्रत्येक टीम ग्रुप-चरण में अपने तीन मैच खेलेगी। जीत पर 3 अंक, ड्रॉ पर 1 अंक और हार पर कोई भी अंक नहीं मिलेगा।
प्रत्येक ग्रुप से टॉप-2 टीमें अगले दौर में प्रवेश करेंगी। इनके अलावा, अपने-अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली 8 सर्वश्रेष्ठ टीम भी अगले दौर के लिए क्वालीफाई करेंगी। पहले नॉकआउट चरण में 16 टीमें पहुंचती थीं, लेकिन इस बार 32 टीमें इस दौर में प्रवेश करेंगी।
इसके परिणामस्वरूप, टूर्नामेंट में अब एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड होगा, जिसे 'राउंड ऑफ 32' कहा जाएगा। इसके बाद 'राउंड ऑफ 16', क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।
पिछले फीफा वर्ल्ड कप तक मुकाबलों की संख्या 64 थी, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 104 किया गया है। इस बार वर्ल्ड कप 6 हफ्तों तक चलेगा।
इसके परिणामस्वरूप, टूर्नामेंट में अब एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड होगा, जिसे 'राउंड ऑफ 32' कहा जाएगा। इसके बाद 'राउंड ऑफ 16', क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।
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मेजबानी का अधिकार रखने वाले इन तीनों देशों के कुल 16 स्टेडियम में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैच खेले जाएंगे, जिनमें से 11 अमेरिका में, 3 मैक्सिको में और 2 कनाडा में स्थित हैं। सर्वाधिक मुकाबलों की मेजबानी करने वाला संयुक्त राज्य अमेरिका फाइनल मैच की मेजबानी भी करेगा। मेक्सिको तीन अलग-अलग वर्ल्ड कप की मेजबानी करने वाला पहला देश होगा। इससे पहले मेक्सिको ने साल 1970 और 1986 में फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी।