फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-एफ के मुकाबले में जापान ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से हराया। विश्व कप के इतिहास में यह पहला मौका है, जब जापान ने एक मैच में चार गोल किए हैं। इस हार के साथ ही ट्यूनीशिया का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया है।
इस जीत के साथ ही जापान ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी दावेदारा को पुख्ता कर लिया है। फीफा वर्ल्ड कप में एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) की टीमों के बीच खेले गए पिछले 151 मैचों में किसी भी टीम ने एक मुकाबले में चार गोल नहीं किए थे। जापान ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है और वह ऐसा करने वाला पहला एएफसी देश बन गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि जापान की यह जीत वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी एएफसी टीम की सबसे बड़ी जीत भी है।
जापान की बड़ी जीत की शुरुआत अयासे उएदा ने की। उन्होंने ऊंची छलांग लगाते हुए ट्यूनीशिया के डिफेंडरों के ऊपर से बेहतरीन हेडर लगाया और गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाते हुए जापान को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस मुकाबले में उएदा ने दो गोल किए और इसके साथ ही वह फीफा वर्ल्ड कप के एक ही मैच में दो गोल करने वाले पहले जापानी खिलाड़ी बने।
इस जीत के साथ ही जापान ने नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की अपनी दावेदारा को पुख्ता कर लिया है। फीफा वर्ल्ड कप में एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) की टीमों के बीच खेले गए पिछले 151 मैचों में किसी भी टीम ने एक मुकाबले में चार गोल नहीं किए थे। जापान ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है और वह ऐसा करने वाला पहला एएफसी देश बन गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि जापान की यह जीत वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी एएफसी टीम की सबसे बड़ी जीत भी है।
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कामदा का चौथे मिनट में किया गया गोल फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी जापानी खिलाड़ी द्वारा किया गया सबसे तेज गोल है। इससे पहले, यह रिकॉर्ड शिंजी कागावा के नाम था, जिन्होंने साल 2018 में कोलंबिया के खिलाफ मैच के छठे मिनट में गोल दागा था। उएदा ने मैच के 31वें मिनट में जापान के लिए दूसरा गोल दागा। दूसरे हाफ में भी जापान का दबदबा देखने को मिला और मैच के 69वें मिनट में जुन्या इतो ने शानदार स्लाइड लगाते हुए टीम की ओर से तीसरा गोल किया। मैच के 83वें मिनट में उएदा ने अपना दूसरा और मैच का चौथा गोल करते हुए जापान की आसान जीत पर मुहर लगा दी।