Vinesh Vinesh: भारतीय कुश्ती महासंघ के चीफ संजय सिंह ने विनेश फोगाट द्वारा सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर उठाई गई चिंताओं का जवाब दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि महासंघ इसकी पूरी जिम्मेदारी ले रहा है। साथ ही, उन्होंने टूर्नामेंट के स्थान में आखिरी समय में किसी भी बदलाव की संभावना से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "अगर विनेश अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि मैं इसकी निजी गारंटी ले रहा हूं। साथ ही, हमारे पास यूडब्ल्यूडब्ल्यू-से मंजूर रेफरी हैं जो मुकाबले करवाते हैं और सभी ट्रायल मुकाबलों की रिकॉर्डिंग होती है, इसलिए किसी भी तरह के पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि क्या आपको लगता है कि जगह बदलना और पूरे शेड्यूल को बिगाड़ना सही है, जबकि लगभग 1500 पहलवानों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है, अपने आने-जाने और रहने का इंतजाम कर लिया है और उन्होंने जगह या अपनी सुरक्षा को लेकर कोई आपत्ति भी नहीं जताई है? डब्ल्यूएफआई ऐसा क्यों करे और हिस्सा लेने वाले पहलवानों को तकलीफ में क्यों डाले?
इससे पहले, विनेश फोगाट ने पहली बार यह खुलासा किया कि वह उन छह महिला पहलवानों में से एक हैं, जिन्होंने डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले के अभी भी विचाराधीन होने के बावजूद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए फोगाट ने केंद्र सरकार और खेल मंत्रालय को गोंडा में होने वाले आगामी 'नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट' के संबंध में एक कड़ी चेतावनी भी दी। बता दें कि गोंडा बृज भूषण का गढ़ माना जाता है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में विनेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस पीड़ितों की गरिमा बनाए रखने के लिए उनकी पहचान को सुरक्षित रखती हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें अपनी बात कहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वीडियो में उन्होंने कहा, "तीन साल पहले, हमने यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी। छह महिला पहलवान पहले ही कोर्ट के सामने अपनी गवाही दे चुकी हैं। मैं तब तक कुछ नहीं बोलना चाहती थी जब तक मामला कोर्ट में चल रहा है, लेकिन आज मैं आप सभी को यह बताना चाहती हूं कि मैं खुद उन छह पीड़ितों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और हमारी गवाहियां अभी भी जारी हैं।"
कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स की मेडलिस्ट ने डब्ल्यूएफआई के नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह टूर्नामेंट 12 से 14 मई तक गोंडा में होने वाला है।
वीडियो में उन्होंने कहा, "तीन साल पहले, हमने यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी। छह महिला पहलवान पहले ही कोर्ट के सामने अपनी गवाही दे चुकी हैं। मैं तब तक कुछ नहीं बोलना चाहती थी जब तक मामला कोर्ट में चल रहा है, लेकिन आज मैं आप सभी को यह बताना चाहती हूं कि मैं खुद उन छह पीड़ितों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी और हमारी गवाहियां अभी भी जारी हैं।"
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उन्होंने आगे आधिकारिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर भी संदेह जताया, जिसमें वजन तौलने की अहम प्रक्रिया भी शामिल है। मुझे नहीं लगता कि सभी मेहनती पहलवानों का वजन निष्पक्ष तरीके से तौला जाएगा, या फिर मैट पर आने वाले नतीजे सचमुच उनकी मेहनत को दिखा पाएंगे।