Sri Lanka: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने कहा है कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी को फिर से अपने नाम करके वह काफ़ी ख़ुश हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने अब तक एक भी बार इस ट्रॉफ़ी को नहीं जीता था। इसी कारण से पहली बार इस प्रतियोगिता का विजेता बनना उन सभी खिलाड़ियों के लिए काफ़ी अहम है।
रविवार को सिडनी टेस्ट में मिली जीत के बाद कमिंस ने कहा, "यह हमारे लिए अविश्वसनीय पल है। यह हमारे लिए यह एक शानदार सीरीज़ रही। हम बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। हम सभी ने पिछले कई सालों में एक टीम के रूप में काफ़ी समय साथ बिताया है। इसलिए हमें पता था कि पर्थ में हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। हालांकि स्थिति उतनी बुरी भी नहीं थी, जितनी तब दिख रही थी। उन परिस्थितियों में आप एकजुट रहने का प्रयास करते हैं और उन चीज़ों पर दोगुना ध्यान देते हैं जो आपको एक बेहतरीन टीम बनाती है।"
स्कॉट बोलैंड ने भारत की दूसरी पारी में 45 रन देकर 6 विकेट लिए और मैच में कुल 10 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ़ द मैच का ख़िताब जीता। उनकी शानदार गेंदबाज़ी के बाद ऑस्ट्रेलिया ने 162 रनों का लक्ष्य तय किया। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया 58 रन पर 3 विकेट खोकर दबाव में आ गया था, लेकिन उस्मान ख़्वाजा, ट्रैविस हेड और बो वेबस्टर के महत्वपूर्ण योगदान ने मेज़बान टीम को जीत तक पहुंचा दिया।
वेबस्टर ने इस मैच में विजयी रन बनाए। उन्होंने पहली पारी में 57 और दूसरी पारी में नाबाद 39 रनों की पारी खेली। इसके अलावा उन्होंने दो कैच लिए और शुभमन गिल का महत्वपूर्ण विकेट निकाला।
इस जीत का मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने 2014-15 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी वापस हासिल की। इस जीत के साथ यह तय हो गया है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम दक्षिण अफ़्रीका के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फ़ाइनल खेलेगी। कमिंस ने अब तक भारत के ख़िलाफ़ कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं जीती थी। इस बाधा को पार करने के बाद वह बेहद ख़ुश थे।
कमिंस ने कहा, "यह एक बहुत ही ख़ास टीम रही है। सबसे पहले तो इस भूमिका को निभाने का मौक़ा पाकर मैं खु़द को सौभाग्यशाली महसूस करता हूं। लेकिन जो कुछ भी हमने साथ मिलकर हासिल किया है, वह पूरे सपोर्ट स्टाफ़ और हमारे परिवारों की मेहनत का परिणाम है। वे बहुत त्याग करते हैं। इसलिए जो कुछ भी हमने हासिल किया है, उस पर मैं वास्तव में गर्व महसूस कर रहा हूं।"
कमिंस इस सीरीज़ में वेबस्टर, सैम कॉन्स्टास और नाथन मैकस्वीनी जैसे डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों के योगदान से भी बेहद खु़श थे।
उन्होंने कहा, "हम हमेशा बात करते हैं कि जीतने के लिए एक मज़बूत स्क्वॉड की ज़रूरत होती है। ख़ासकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में एक अच्छी टीम की ज़रूरत हमेशा पड़ती है। पांच मैचों की सीरीज़ में आप हमेशा एक ही प्लेइंग इलेवन के साथ कभी नहीं खेल सकते। सीरीज़ में तीनों डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौक़ों पर शानदार योगदान दिया।"
कमिंस इस सीरीज़ में अपने प्रदर्शन से भी संतुष्ट दिखे। उन्होंने सीरीज़ में 21.36 की औसत से 25 विकेट झटके और 19.87 की औसत से 159 रन भी बनाए, जिसमें मेलबर्न में 49 और 41 की मैच जिताने वाली पारियां शामिल थीं, जहां उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
उन्होंने कहा, "हम हमेशा बात करते हैं कि जीतने के लिए एक मज़बूत स्क्वॉड की ज़रूरत होती है। ख़ासकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में एक अच्छी टीम की ज़रूरत हमेशा पड़ती है। पांच मैचों की सीरीज़ में आप हमेशा एक ही प्लेइंग इलेवन के साथ कभी नहीं खेल सकते। सीरीज़ में तीनों डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौक़ों पर शानदार योगदान दिया।"
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Article Source: IANS