भारतीय अंडर-21 पुरुष हॉकी टीम बेल्जियम के दौरे पर 7 से 17 जुलाई के बीच ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी और नीदरलैंड के खिलाफ 6 मैच खेलेगी। यह दौरा साल के आखिर में होने वाले मेंस जूनियर एशियन कप से पहले नए कोच फ्रेडरिक सोयेज के नेतृत्व में टीम की तैयारी का एक अहम हिस्सा होगा।
भारतीय टीम ऑस्ट्रिया और बेल्जियम के खिलाफ दो-दो मैच खेलेगी, जबकि जर्मनी और नीदरलैंड के विरुद्ध एक-एक मुकाबला खेला जाएगा। 6 में से 5 मैच बेल्जियम के वावरे में स्थित बेल्फियस हॉकी एरीना में खेले जाएंगे, जबकि नीदरलैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबला एंटवर्प में हॉकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित होगा।
भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 7 जुलाई को ऑस्ट्रिया के खिलाफ करेगी। 8 जुलाई को एक बार फिर उसी टीम से भिड़ंत होगी। इसके बाद टीम 10 जुलाई को मेजबान बेल्जियम से भिड़ेगी और 13 जुलाई को जर्मनी से उसका सामना होगा। 14 जुलाई को भारत के सामने एक बार फिर बेल्जियम की टीम होगी। दौरे का समापन 17 जुलाई को नीदरलैंड के खिलाफ मैच के साथ होगा।
यह दौरा युवा भारतीय टीम को यूरोप के कुछ सबसे मजबूत हॉकी देशों के खिलाफ खेलने का मौका देगा। इसी के साथ साल के आखिर में होने वाले अहम टूर्नामेंट्स से पहले अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का मौका भी मिलेगा। उम्मीद है कि बेल्जियम का यह दौरा भारतीय जूनियर टीम को अलग-अलग तरह के खेल और प्रतिस्पर्धी हालात का अहम अनुभव देगा, जिससे वे जूनियर एशिया कप के लिए तैयार हो सकेंगे।
भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 7 जुलाई को ऑस्ट्रिया के खिलाफ करेगी। 8 जुलाई को एक बार फिर उसी टीम से भिड़ंत होगी। इसके बाद टीम 10 जुलाई को मेजबान बेल्जियम से भिड़ेगी और 13 जुलाई को जर्मनी से उसका सामना होगा। 14 जुलाई को भारत के सामने एक बार फिर बेल्जियम की टीम होगी। दौरे का समापन 17 जुलाई को नीदरलैंड के खिलाफ मैच के साथ होगा।
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इन मुकाबलों की अहमियत को लेकर कोच ने कहा, "ये मैच बहुत जरूरी हैं, क्योंकि ये हमें तुरंत ऐसे हालात में डालते हैं जो बड़े टूर्नामेंट्स में मिलने वाले हालात जैसे ही होते हैं। इनसे हमें अपने मौजूदा प्रदर्शन के स्तर, दबाव में अपने खेलने के तरीकों को लागू करने की क्षमता और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हम कैसा खेलते हैं, यह समझने में मदद मिलेगी।"