बिहार सरकार में खेल और आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के कल्याण के लिए कई योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काम कर रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "खेल विभाग द्वारा कई योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्पांसरशिप का पोर्ट खोला गया है। एक स्तर पर 3 लाख और दूसरे स्तर पर पांच लाख की सहायता दी जाएगी। अमूमन खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद प्रोत्साहन दिया जाता है। बिहार सरकार ने इसे बदला है। हम उन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेंगे जिनमें अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता और प्रतिभा होगी।"
श्रेयसी सिंह ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री की सोच हर जिले में एक एकलव्य स्कूल खोलने की थी, लेकिन अब राज्य में 68 स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। अभी 15 स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों के बच्चों को बुनियादी स्तर पर खेल का प्रशिक्षण देने के साथ ही शिक्षा और खान-पान की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग खेलों के लिए अलग-अलग जगहों पर विशेष एकेडमी बनाई जाएगी।
मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना को धरातल पर उतारा गया है। इसके तहत पिछले साल 71 लोगों को नौकरी दी गई थी। अब वह संख्या 88 हो गई है। उम्मीद है ये संख्या बढ़ेगी।
बिहार की खेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने साइना नेहवाल और पुलेला गोपीचंद से मुलाकात की थी। दोनों बड़े खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे बड़े खिलाड़ी बिहार में अपनी अकादमी खोलना चाहते हैं और सरकार से इसके लिए मदद चाहते हैं। मुझे लगता है कि ऐसे खिलाड़ी अगर बिहार में अपनी अकादमी खोलेंगे तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बिहार के खिलाड़ियों की सहभागिता बढ़ेगी और उनका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।
श्रेयसी ने कहा कि बिहार में रोजगार बढ़ाने के लिए आईटी के क्षेत्र में काम हो रहा है। निजी निवेशकों के साथ दस से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
बिहार की खेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने साइना नेहवाल और पुलेला गोपीचंद से मुलाकात की थी। दोनों बड़े खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे बड़े खिलाड़ी बिहार में अपनी अकादमी खोलना चाहते हैं और सरकार से इसके लिए मदद चाहते हैं। मुझे लगता है कि ऐसे खिलाड़ी अगर बिहार में अपनी अकादमी खोलेंगे तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बिहार के खिलाड़ियों की सहभागिता बढ़ेगी और उनका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।
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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसात्मक कार्रवाई को दुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके बारे में विशेष जानकारी केंद्र सरकार या केंद्रीय मंत्री ही दे सकते हैं।