FIFA World Cup: 2026 फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत शानदार उद्घाटन समारोह और सह-मेजबान मैक्सिको की दक्षिण अफ्रीका पर रोमांचक जीत के साथ हुई। हालांकि, मैक्सिको सिटी स्टेडियम में गोल और चमक-दमक के अलावा दर्शकों का ध्यान एक और खास चीज ने खींचा। यह था मैच अधिकारियों के कानों पर लगा एक उपकरण, जो फुटबॉल देखने के अनुभव को बदल सकता है।

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ब्राजील के रेफरी विल्टन सांपायो के माइक्रोफोन सिस्टम से जुड़ा यह बड़ा ईयर-डिवाइस उन्हें किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के किरदार जैसा दिखा रहा था। यह उपकरण एक वायरलेस रेफरी कम्युनिकेशन सिस्टम का हिस्सा है, जिसमें 'रेफरी कैमरा' या 'रेफ कैम' भी शामिल है।

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इस वर्ल्ड कप में रेफरी तीन महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो उपकरणों से लैस हैं, जिनमें माइक्रोफोन, ईयरपीस और रेफ कैम शामिल हैं।

माइक्रोफोन की मदद से मुख्य रेफरी अपने लाइनमैन, फोर्थ अंपायर और बीएआर (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) टीम से लगातार संपर्क में रहते हैं। इसी के जरिए वीएआर से जुड़े फैसलों की जानकारी स्टेडियम में मौजूद दर्शकों तक भी पहुंचाई जाती है।

ईयरपीस, यह एक महत्वपूर्ण रिसीवर है, जो ऑफिशियल टीम से मिलने वाली तुरंत सलाह और ऑडियो अलर्ट रेफरी तक पहुंचाता है, जिससे वे तेज गति से बदलते मैच के महत्वपूर्ण पलों पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

रेफ कैम, यह एक छोटा हाई-डेफिनिशन कैमरा है, जो रेफरी के कान के पास लगाया जाता है। यह मैच को ठीक उसी नजरिए से रिकॉर्ड करता है, जैसा रेफरी मैदान पर देखते हैं। किसी विवादित टैकल या गोल के दौरान हुई अफरा-तफरी की स्थिति में अब दर्शक भी देख सकेंगे कि सीटी बजाने से पहले रेफरी ने क्या देखा था।

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फीफा ने टूर्नामेंट के सभी 104 मैचों में रेफरी कैमरों का इस्तेमाल किया है। यह छोटा, हाई-डेफिनिशन और स्टेबलाइज्ड कैमरा रेफरी के हेडसेट से जुड़ा होता है, जिससे दर्शक मैच को रेफरी की नजर से देख सकते हैं।

प्रसारण के दौरान रेफ कैम की फुटेज को लाइव दिखाया जाएगा या फिर रिप्ले में शामिल किया जाएगा, ताकि दर्शकों को ऐसा अनुभव मिल सके, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।

रेफरी कैमरों का पहली बार इस्तेमाल फीफा क्लब वर्ल्ड कप 2025 में किया गया था। यह प्रयोग उम्मीद से बेहतर साबित हुआ और फिर 2025-26 सत्र के दौरान दुनिया की कई फुटबॉल लीगों में भी इसका उपयोग किया गया।

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इसके बाद 'लेनोवो' ने ऐसी तकनीक विकसित की, जिससे तेज मूवमेंट के दौरान होने वाला मोशन ब्लर कम हो गया। अब यह कैमरा अधिक स्पष्ट और स्थिर फुटेज देता है, जिससे दुनियाभर के दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलता है और मैच में पारदर्शिता तथा समझ बढ़ती है।

रेफरी कैमरों का पहली बार इस्तेमाल फीफा क्लब वर्ल्ड कप 2025 में किया गया था। यह प्रयोग उम्मीद से बेहतर साबित हुआ और फिर 2025-26 सत्र के दौरान दुनिया की कई फुटबॉल लीगों में भी इसका उपयोग किया गया।

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2022 फीफा वर्ल्ड कप में इस्तेमाल की गई सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड टेक्नोलॉजी से अलग, अब स्पष्ट ऑफसाइड की जानकारी सीधे मैदान पर मौजूद मैच अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जबकि पहले यह जानकारी केवल वीएआर तक जाती थी।

Article Source: IANS
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