केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर कहा है कि इस वर्ष के अर्जुन पुरस्कार के लिए ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के नाम पर विचार किया जाए।
प्रतापराव जाधव ने अपने पत्र में, मीराबाई चानू की असाधारण उपलब्धियों और भारतीय वेटलिफ्टिंग में उनके उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा कि मणिपुर की एथलीट ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है, जिससे देश को बहुत गर्व हुआ है।
उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के लगातार संस्करणों में स्वर्ण पदक जीतने के चानू के शानदार रिकॉर्ड और हर बार भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट होने की उनकी खासियत के बारे में बताया। मंत्री ने 48 किग्रा वर्ग में उनके शानदार प्रदर्शन के बारे में भी बताया, जिसमें स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल लिफ्ट कैटेगरी में उनके रिकॉर्ड तोड़ने वाले लिफ्ट शामिल हैं।
जाधव ने आगे लिखा कि मीराबाई चानू को पहले ही देश के कई सबसे बड़े खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री शामिल हैं। उन्होंने ओलंपिक मेडल भी जीता है। उनका अर्जुन अवॉर्ड पाने का बचपन का सपना, जिसे उन्होंने मणिपुर में अपने गांव में ट्रेनिंग के शुरुआती दिनों से ही पाला था, अभी भी अधूरा है।
प्रतापराव जाधव ने केंद्रीय खेल मंत्री से अर्जुन पुरस्कार के लिए मीराबाई चानू के नाम पर विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस पुरस्कार से चानू को सम्मानित करना उनके शानदार प्रदर्शन, असाधारण प्रतिभा और भारतीय खेलों में उनके अमूल्य योगदान के लिए एक सही पहचान होगी।
जाधव ने आगे लिखा कि मीराबाई चानू को पहले ही देश के कई सबसे बड़े खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री शामिल हैं। उन्होंने ओलंपिक मेडल भी जीता है। उनका अर्जुन अवॉर्ड पाने का बचपन का सपना, जिसे उन्होंने मणिपुर में अपने गांव में ट्रेनिंग के शुरुआती दिनों से ही पाला था, अभी भी अधूरा है।
Also Read: LIVE Cricket Score
बता दें कि मीराबाई चानू ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। वह टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक भी जीत चुकी हैं। उनकी असाधारण उपल्बियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2018 में ही मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया था।