दुनियाभर में 7 मई 'वर्ल्ड एथलेटिक्स डे' के रूप में मनाया जाता है। एथलेटिक्स एक तरह का ट्रैक एंड फील्ड खेल है जिसमें दौड़ना, कूदना, चलना और फेंकना जैसे खेल शामिल हैं। एथलेटिक्स में अलग-अलग श्रेणी के दो दर्जन से अधिक खेल शामिल हैं।
वर्ल्ड एथलेटिक्स डे की शुरुआत 1996 में इंटरनेशनल एमेच्योर एथलेटिक फेडरेशन (आईएएएफ) ने की थी। 2001 में, इंटरनेशनल एमेच्योर एथलेटिक फेडरेशन का नाम बदलकर इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन कर दिया गया।
आईएएएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स से जुड़े सभी कार्यक्रमों को आयोजित करता है। इससे जुड़े नियम और कानून बनाने का अधिकार भी इसी संस्था के पास है। आईएएएफ उम्र की पाबंदी, लिंग से जुड़े, और डोपिंग से जुड़े नियम बनाता है। उम्र से जुड़े नियम आसान हैं और एथलीट को एक जैसी काबिलियत वाले एथलीट के साथ मुकाबला करने देते हैं। डोपिंग से जुड़े मामलों के लिए कुछ गाइडलाइंस हैं, और उन्हें एक एंटी-डोपिंग एजेंसी चलाती है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स डे मनाने के पीछे की सोच बेहतर दुनिया के लिए एथलेटिक्स के महत्व को समझाना है। आईएएएफ ने इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर लॉन्च किया था। हर साल इस खास दिन को आईएएएफ के नेतृत्व में दुनियाभर के स्कूलों और कॉलेजों में मनाया जाता है। इसके तहत अलग-अलग स्पोर्ट्स आयोजित किए जाते हैं।
वर्ल्ड एथलेटिक्स डे का उद्देश्य युवाओं में एथलेटिक्स के प्रति रुचि उत्पन्न करना, शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस को प्रोत्साहन देना, एथलेटिक्स के माध्यम से जीवन में अनुशासन, धैर्य और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना और विश्व स्तर पर खेलों में भागीदारी को बढ़ाना है।
भारत के परिप्रेक्ष्य में देखें तो एथलेटिक्स की अहमियत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। खिलाड़ी बड़ी मात्रा में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल आदि में जगह बनाते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं।
वर्ल्ड एथलेटिक्स डे का उद्देश्य युवाओं में एथलेटिक्स के प्रति रुचि उत्पन्न करना, शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस को प्रोत्साहन देना, एथलेटिक्स के माध्यम से जीवन में अनुशासन, धैर्य और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना और विश्व स्तर पर खेलों में भागीदारी को बढ़ाना है।
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इसके अलावा नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू आदि खिलाड़ियों ने भी ओलंपिक में सफलता प्राप्त कर देश में एथलेटिक्स के प्रति युवाओं को आकर्षित करने में बड़ी भूमिका निभाई है।