150 Years of Bombay Gymkhana: हाल ही में, भारत में खेलों के लिए सबसे मशहूर इंस्टीट्यूट में से एक, बॉम्बे जिमखाना की 150वीं सालगिरह के मौके पर एक डाक टिकट (5 रुपये का) जारी किया गया। ये इंस्टीट्यूट खेलों में, श्रेष्ठता के साथ-साथ अपनी समृद्ध विरासत और देश में सांस्कृतिक योगदान के लिए भी मशहूर है। डाक टिकट में जिमखाना के ऐतिहासिक कॉम्प्लेक्स और ग्राउंड की खूबसूरती को दिखाया है इसे बॉम्बे जिमखाना में ही, भारत सरकार में मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रिलीज किया। बॉम्बे जिमखाना ने सिर्फ क्रिकेट और रग्बी नहीं, और कुछ खेलों को भी बढ़ावा दिया।
क्रिकेट में तो इसकी एक ख़ास जगह हैं क्योंकि यहीं दिसंबर 1933 में, भारत में, भारत का पहला टेस्ट मैच खेले थे, 15-18 दिसंबर, 1933 को इंग्लैंड के विरुद्ध। इसके बावजूद, बीसीसीआई ने इस ऐतिहासिक 150वीं सालगिरह में कोई दिलचस्पी न ली। लाला अमरनाथ ने भारत में खेले इस पहले टेस्ट में 100 बनाया था। तब क्रिकेट देख रही भीड़ में जो जोश दिखा, वह भारत में खेलों के लिए बढ़ते जुनून का सबूत बना और बॉम्बे जिमखाना ने देश के क्रिकेट सफर में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
ये अब दुनिया के उन सबसे पुराने मल्टी-स्पोर्ट्स क्लब में से एक है जो अभी एक्टिव हैं। उधर भारतीय क्रिकेट ने बॉम्बे जिमखाना से जुड़े अपने गौरवशाली अतीत को भुला दिया। बॉम्बे जिमखाना की स्थापना 19 जून 1875 को हुई थी और शुरू से ये ख़ास तौर पर गोरों के इस्तेमाल का क्लब रहा। इसीलिए ये एक स्पोर्ट्स क्लब से कहीं ज्यादा ख़ास है। 10 जनवरी 2025 को, बॉम्बे जिमखाना ने अपनी 150वीं सालगिरह के जश्न शुरू किए और अपना नया लोगो लॉन्च किया। इस मौके पर भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर और क्लब के सबसे पुराने मेंबर विकाजी तारापोरेवाला भी मौजूद थे।