घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद विश्मी गुणरत्ने ने महज 17 साल की उम्र में श्रीलंका के लिए डेब्यू किया। अब तक वह इस देश के लिए 37 वनडे और 59 टी20 मैच खेल चुकी हैं। श्रीलंकाई महिला टीम के टॉप ऑर्डर में अपना स्थान पुख्ता कर चुकीं विश्मी का मानना है कि कम उम्र में मिले इस अनुभव ने खेल के प्रति उनके मानसिक नजरिए में एक जरूरी बदलाव लाने में मदद की।
विश्मी ने 'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' के जरिए 'आईएएनएस' के साथ खास बातचीत में कहा, "मैंने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया, जिसने मुझे धैर्य और हालात के हिसाब से ढलना सिखाया। इसने मुझे तेजी से आगे बढ़ने, खेल को समझने और हालात के अनुसार खुद को ढालने के लिए प्रेरित किया और मुझे बहुत कुछ सिखाया। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर शुरू करने से बतौर बल्लेबाज मुझे तेजी से परिपक्व होने में मदद मिली। इसने मुझे धैर्य, हालात के हिसाब से ढलने और अलग-अलग स्थितियों को तेजी से समझने की कला सिखाई। एक इंसान के तौर पर, मैं कई लोगों से मिलती हूं, सामाजिक बातें सीखती हूं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन टीमों के खिलाफ मुकाबला करती हूं। मुझे तेजी से परिपक्व होना है, हालात को समझना है और कड़ी मेहनत करनी है, और मैं ऐसा कर रही हूं।"
श्रीलंका ने साल 2024 में दांबुला में अपने घरेलू दर्शकों के सामने भारत को मात देकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस बार टूर्नामेंट में श्रीलंका 'ग्रुप-बी' में बांग्लादेश, मेजबान यूएई और नई टीम इंडोनेशिया के साथ है।