भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे युवा बल्लेबाज़ सरफराज खान के समर्थन में कई लोग आवाज़ उठा चुके हैं और अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने भी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सरफराज खान को पर्याप्त मौके नहीं देने के लिए नेशनल सेलेक्टर्स पर निशाना साधा है। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 60 से ज़्यादा का औसत रखने वाले सरफराज ने भारत के लिए सिर्फ़ छह टेस्ट खेले हैं।
वेंगसरकर ने कहा कि ये 'हैरान करने वाली' बात है कि सरफराज को किसी भी फॉर्मेट में सपोर्ट नहीं किया गया है। 69 साल के वेंगसरकर ने 2024 में धर्मशाला टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ सरफराज की पारी और मैच जिताने वाली पार्टनरशिप को याद करते हुए कहा कि क्रीज पर उनके प्रदर्शन की वजह से भारत ने वो मैच जीता था लेकिन उन्हें इसके बावजूद लगातार इग्नोर किया जा रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से वेंगसरकर ने कहा, "ये मेरे लिए सच में हैरान करने वाली बात है कि उन्हें भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में क्यों नहीं चुना गया, जबकि उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, यहां तक कि भारत के लिए भी जब उन्हें मौका मिला। ऐसे टैलेंट को नज़रअंदाज़ किया गया है। ये सच में शर्म की बात है! मैंने उन्हें और पडिक्कल को धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ (2024 सीरीज़ के पांचवें टेस्ट में) एक साथ बल्लेबाजी करते देखा। वो एक अहम सेशन था। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और एक महत्वपूर्ण पार्टनरशिप (132 गेंदों में 97 रन) बनाई, जिसने आखिर में भारत को टेस्ट जिताने में मदद की।"