भारत में घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को सिलेक्शन का आधार माना जाता है। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों का सिलेक्शन उनके घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर भी करता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंटरनेशनल क्रिकेटर्स को भी खाली समय में घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने की सलाह दे चुका है। इस कड़ी में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए जा चुके हैं।
हालांकि, भारत के घरेलू क्रिकेट में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं, जो वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सिलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर नहीं खींच पा रहे हैं। इन खिलाड़ियों के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि इन्हें कम से कम टेस्ट टीम में मौका और मैदान पर अपनी काबिलियत दिखाने के लिए टी20 फॉर्मेट से आने वाले खिलाड़ियों के ऊपर तरजीह जरूर मिलनी चाहिए।
अभिमन्यु ईश्वरन: फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में खेले 114 मुकाबलों में 47 की औसत से 8,396 रन बना चुके अभिमन्यु ईश्वरन भारतीय ड्रेसिंग रूम तक तो पहुंच चुके हैं, लेकिन पिछले तीन साल से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। अनुभव और दमदार रिकॉर्ड होने के बावजूद अभिमन्यु ड्रेसिंग रूम में बैठकर मैदान पर भारत की जर्सी पहनकर उतरने का सपना ही देखते रहे हैं। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में वह 27 शतक और 36 अर्धशतक भी लगा चुके हैं। अभिमन्यु का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में डेब्यू 2013 में हुआ था और उनकी उम्र डेब्यू का इंतजार करते-करते 30 साल हो चुकी है।