X close
X close

VIDEO : जब रोल नहीं पता तो इंटरनेशनल क्रिकेट में कर क्या रहा है? मिस्बाह उल हक का फूटा गुस्सा

इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में पाकिस्तान का मिडल ऑर्डर एक बार फिर से एक्सपोज़ होता दिखा है क्योंकि ओपनर्स को छोड़ दें तो और कोई भी बल्लेबाज़ रन नहीं बना पाया है।

Shubham Yadav
By Shubham Yadav October 02, 2022 • 15:12 PM

पाकिस्तान और इंग्लैंड (PAK vs ENG) के बीच टी20 सीरीज का सातवां और आखिरी मुकाबला आज यानि 2 अक्तूबर को खेला जाना है। फिलहाल सात मैचों की सीरीज फिलहाल 3-3 से बराबर है और जो भी टीम ये आखिरी मैच जीतेगी सीरीज उसके नाम हो जाएगी। हालांकि, जिस तरह से इंग्लैंड की टीम ने छठा मुकाबला जीता उसे देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि वो सीरीज जीतने के लिए फेवरिट होंगे।

अगर इस पूरी सीरीज पर गौर करें तो पाकिस्तान की टीम ने जो तीन मैच जीते हैं उनमें या तो मोहम्मद रिज़वान का बल्ला चला है या कप्तान बाबर आज़म ने बड़ी पारी खेली है। लेकिन पाकिस्तान के बाकी बल्लेबाज़ों ने हमेशा की तरह फैंस और टीम मैनेजमेंट को निराश ही किया है। खासकर अगर हैदर अली की बात करें तो वो पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए हैं फिर चाहे उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया हो या किसी और नंबर पर। यही कारण है कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने भी हैदर अली की क्लास लगाई है।

Trending


मिस्बाह ने एक नियो न्यूज़ चैनल पर बोलते हुए कहा, 'जब रोल नहीं पता तो इंटरनेशनल क्रिकेट में क्या कर रहा है? आप नंबर तीन पर जाते हैं तो आपके पास 10 से 13 ओवर होते हैं। मतलब क्या आपको कोई चार्ट पर लिखकर देगा कि आपको क्या करना है। मुझे लगता है कि हमने प्लेयर्स को कुशन दिया हुआ है। हमें असल मुद्दे पर बात करनी चाहिए। स्कोरबोर्ड आपके सामने लगा हुआ है आपको अगर इस लेवेल पर भी ये चाहिए कि रोल डिफाइन होना चाहिए, पिछले दो मैच वो नंबर तीन पर खेला है उसमें क्या रोल डिफाइन करना है।'

Also Read: Live Cricket Scorecard

आगे बोलते हुए मिस्बाह ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए कि जब ये प्लेयर्स बाहर होते हैं तो क्यों होते हैं और फिर जब ये वापस आते हैं तो क्यों वापस आते हैं? जो बंदा 2017 में गूगली पर आउट हो रहा था वो आज भी हो रहा है। जो बंदा 2019 में आउटस्विंगर पर आउट हो रहा था वो आज भी हो रहा है। जैसे हैदर उठाकर मार रहा है कोई शेप नहीं आ रहा है, इसका मतलब ये है कि ये कसूरवार हैं। ये अपनी कमियों पर काम करके नहीं आते हैं और बाद में इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्सपोज़ होते हैं।'