भारतीय महिला क्रिकेट की पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज अंजू जैन ने अपने शांत स्वभाव, तकनीक और टीम के प्रति समर्पण से क्रिकेट जगत में खास पहचान बनाई। मैदान पर उनकी मेहनत और जिम्मेदारी ने भारतीय महिला क्रिकेट को मजबूत बनाने में योगदान दिया।
11 अगस्त 1974 को दिल्ली में जन्मीं अंजू जैन को क्रिकेट खेलने का शौक था, लेकिन परिवार ने खेल के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान देने की शर्त रख दी। पिता ने साफतौर पर कह दिया था कि अगर अंजू फेल हो गईं, तो उन्हें क्रिकेट खेलने से रोक दिया जाएगा। ऐसे में अंजू ने खेल और पढ़ाई में तालमेल बनाया।
भले ही अंजू भारतीय महिला क्रिकेट टीम की भरोसेमंद विकेटकीपर्स में शुमार रहीं, लेकिन विकेटकीपिंग उनकी पहली पसंद नहीं थी। वह एक बल्लेबाज बनना चाहती थीं, लेकिन दिल्ली की जूनियर टीम के पास कोई विकेटकीपर नहीं था, जिसके बाद अंजू को यह जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने दिल्ली और एयर इंडिया का प्रतिनिधित्व किया।