Royal Challengers Bangalore: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। हालांकि, अशोक को भारतीय टीम तक पहुंचने के लिए भी बेहद संघर्ष करना पड़ा। एक समय पर अशोक के पास रहने के लिए खुद का घर तक नहीं था और ना ही किट खरीदने के पैसे थे।
अशोक डिंडा का जन्म 25 मार्च 1984 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में हुआ। अशोक को शुरू से ही क्रिकेट के खेल में खास रुचि थी। हालांकि, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और अशोक के पास किट खरीदने तक के पैसे नहीं थे। इसके बावजूद अशोक ने हिम्मत नहीं हारी और वह अपनी गेंदबाजी पर पूरी लगन से काम करते रहे। शुरुआत में अशोक ने कई क्रिकेट क्लब में शामिल होने का प्रयास भी किया, लेकिन क्लब ने उन्हें लेने से मना कर दिया। अशोक ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2001 में वह कोलकाता के एक क्लब की तरफ से खेलते थे, लेकिन उनके पास सिर छुपाने के लिए जगह तक नहीं थी।
अशोक ने अपनी समस्या क्लब तक को बताई थी, लेकिन उन्होंने भी इस बात को नजरअंदाज कर दिया था। अशोक क्रिकेट की बारीकियों को सीखने के लिए अपना घर छोड़कर मामा के यहां रहते थे। मामा का घर भी मैदान से काफी दूर था। अशोक ट्रेनिंग की खातिर सुबह 5 बजे घर से निकल जाते थे और दो बस बदलने के बाद ग्राउंड पर पहुंच पाते थे। हालांकि, अशोक ने जब हाई कोर्ट की तरफ से खेलना शुरू किया, तो उनके रहने की व्यवस्था हुई, लेकिन दूरी अभी भी एक समस्या थी।