कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बोर्ड के सचिव संतोष मेनन को उनके पद से हटा दिया गया है। बीसीसीआई के लोकपाल द्वारा दिए फैसले के मुताबिक संतोष मेनन ने प्रशासक के तौर पर अधिकतम समय बिता लिया है। इस वजह से उन्हें उनके पद से हटाया गया है।
संतोष मेनन को उनके पद से हटाने का आदेश बीसीसीआई लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा (सेवानिवृत) ने दिया। उन्होंने स्टेट क्रिकेट बॉडी के संस्थागत सदस्य डॉल्फिन क्रिकेटर्स की शिकायत को सही ठहराया। कूलिंग ऑफ के नियम के तहत संतोष ने प्रशासन में कुल 9 साल की अवधि पूरी कर ली है। बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक नियम 3(बी)(आई) में भी यही कहा गया है कि किसी को भी 9 साल से ज्यादा पद पर नहीं रखा जा सकता।
लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा (सेवानिवृत) ने अपने फैसले में कहा, "रेस्पोंडेंट नंबर 3, संतोष मेनन, केएससीए के संविधान के नियम 1ए (एचएच) के तहत तय पद पर 9 साल से हैं, इसलिए, वह 16.12.2025 से केएससीए के मानद सचिव का पद संभालने के लिए साफ तौर पर अयोग्य हैं। वह गैर-कानूनी तरीके से सचिव का पद हड़प रहे हैं और अब 9 साल पूरे होने पर केएससीए में कोई पद नहीं रख सकते। बीसीसीआई की 23.08.2025 की सलाह को गैर-कानूनी तरीके से नजरअंदाज किया गया है, जो बीसीसीआई, केएससीए के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट की सही व्याख्या के आधार पर सही पाई गई है।"