क्रिकेट के दीवाने देश भारत में किसी दूसरे खेल में बड़ी पहचान बनाना और बड़ी सफलता हासिल करना बेहद मुश्किल काम है। अथक मेहनत और दृढ़ संकल्प की वजह से कई खिलाड़ियों ने दूसरे खेलों में न सिर्फ बड़ी पहचान और सफलता पाई है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। ऐसे खिलाड़ियों में दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
लिएंडर पेस का जन्म 17 जून 1973 को कलकत्ता में हुआ था। लिएंडर के पिता वेस पेस और माता जेनिफर पेस, दोनों ही खेल से जुड़े थे। माता-पिता की प्रेरणा की वजह से ही पेस खेल के क्षेत्र में आए। पेस ने 12 साल की उम्र में चेन्नई में टेनिस एकेडमी में नामांकन लिया था। पहली बार पेस को अंतरराष्ट्रीय पहचान 1990 में मिली, जब उन्होंने 17 साल की उम्र में विंबलडन जूनियर का खिताब जीता था। इसके बाद से पेस ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वैश्विक टेनिस जगत में भारत का बड़ा नाम बनकर उभरे।
पेस को एकल से ज्यादा सफलता डबल और मिश्रित डबल में मिली। डबल्स में पेस के सबसे सफल जोड़िदार एक अन्य भारतीय टेनिस लीजेंड महेश भूपति रहे। वहीं मिक्स डबल्स में उनकी जोड़ी मार्टिना हिंगिस और मार्टिना नवरातिलोवा के साथ सफल रही। डबल्स में पेस को दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।