भारतीय क्रिकेट में रवि शास्त्री एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने जब जिस भूमिका को निभाया, उसमें बड़ी सफलता हासिल की। 1983 में अपना पहला वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे शास्त्री ने भारतीय क्रिकेट में एक ऑलराउंडर, एक कोच और एक कमेंटेटर के तौर पर बड़ी सफलता हासिल की है।
27 मई 1962 को मुंबई में जन्मे रवि शास्त्री एक बल्लेबाजी ऑलराउंडर थे। मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले शास्त्री ने भारतीय टीम के लिए 1981 में डेब्यू किया था और दिसंबर 1992 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। दाएं हाथ से बल्लेबाजी और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले शास्त्री ने भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे खेले।
टेस्ट मैचों में 11 शतक और 12 अर्धशतक लगाते हुए 3,830 रन बनाए और 151 विकेट लिए। इसके अलावा, वनडे में 4 शतक और 18 अर्धशतक लगाते हुए 3,108 रन और 129 विकेट उनके नाम हैं। अपने समय के बेहतरीन ऑलराउंडर रहे शास्त्री ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए खेलते हुए 10 जनवरी 1985 को वानखेड़े स्टेडियम में बड़ौदा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान छह गेंदों पर छह छक्के मारे थे। शास्त्री टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया में दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज थे।