भारत और श्रीलंका के बीच रविवार से कोलंबो में टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम मैच खेला जाना है। निर्णायक मैच से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि टीम मैनेजमेंट का बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ-स्पिनर को खिलाने का फैसला 'समझ में आने वाला' कदम होगा, क्योंकि मेजबान टीम बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर काफी निर्भर है।
गाले में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंकाई टीम को भारत के हाथों 165 रनों से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके चार मुख्य बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने दोनों पारियों में कुल 465 रनों में से 300 रन बनाए, जो टीम के कुल रनों का लगभग 64.5 प्रतिशत है।
इसके उलट, भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में तीन बाएं हाथ के स्पिनर उतारे थे, जिसमें कुलदीप ने कुल 25 ओवरों में 103 रन देकर 1 विकेट हासिल किए। टीम में ऑफ-स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर सारांश जैन के होने का मतलब है कि अगर कोलंबो की पिच बहुत सूखी हुई तो भारतीय टीम उन्हें डेब्यू का मौका दे सकती है।