भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑफ-स्पिनर स्नेह राणा के लिए लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ मिली 270 रन की ऐतिहासिक टेस्ट जीत सिर्फ एक बड़ी सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसा पल है जो हमेशा भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दर्ज रहेगा। स्नेह का मानना है कि टीम इस मुकाबले में केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि इतिहास रचने की सोच के साथ उतरी थी, और यही मानसिकता उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
आईएएनएस से बातचीत में स्नेह राणा ने बताया कि जैसे ही टीम को पता चला कि लॉर्ड्स पहली बार महिला टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा, तभी से खिलाड़ियों के मन में इतिहास रचने का सपना आकार लेने लगा था। उन्होंने कहा, "हमारी सोच थी कि अगर हम यहां जीत गए तो भारत का नाम हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो जाएगा। यही बात हमें लगातार प्रेरित करती रही।"
स्नेह के मुताबिक, लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर पहली बार सफेद जर्सी पहनकर लॉन्ग रूम से मैदान तक पहुंचना और राष्ट्रगान गाना उनके करियर के सबसे भावुक पलों में से एक था। उन्होंने कहा कि सामने मशहूर लॉर्ड्स बालकनी को देखते हुए राष्ट्रगान गाना किसी भी क्रिकेटर के लिए गर्व का क्षण होता है। हालांकि, उससे भी बड़ा पल तब आया जब भारत ने चौथे दिन इंग्लैंड को हराकर पहली महिला टेस्ट जीत दर्ज की। उनके अनुसार, अब यह जीत हमेशा इतिहास की किताबों में दर्ज रहेगी।