भारत के गेंदबाज कोच मोर्ने मोर्केल ने टीम के तेज गेंदबाजों को श्रीलंका की गर्मी, उमस और कूकाबुरा गेंद के बदलते मिजाज के हिसाब से खुद को जल्द से जल्द ढालने की सलाह दी है। उन्होंने जोर दिया कि शनिवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में जोश बनाए रखना और दबाव बनाने के लिए नए तरीके खोजना बहुत जरूरी होगा।
घुटने की चोट के कारण जसप्रीत बुमराह के सीरीज से बाहर होने से भारत के तेज गेंदबाजी विभाग को बड़ा झटका लगा है। अब मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण के सबसे अनुभवी सदस्य हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार और हाल ही में टीम में शामिल किए गए आकिब नबी अन्य विकल्प हैं।
मोर्केल का मानना है कि ये हालात भारतीय तेज गेंदबाजों की उस क्षमता की परीक्षा लेंगे कि जब गेंद अपनी सख्ती खो देती है, तो वे अपनी योजनाओं में कैसे बदलाव करते हैं। 'ईएसपीएन क्रिकइन्फो' के अनुसार, मोर्केल ने कहा, "हमारे पास हुनर है और योजना भी होगी, लेकिन श्रीलंका आने पर सबसे बड़ी चुनौती गर्मी, उमस और कूकाबुरा गेंद का थोड़ा जल्दी नरम पड़ जाना है। यह 25 या 30 ओवर के बाद नरम हो जाएगी, इसलिए हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। ऐसे हालात में सब कुछ आपकी सोच पर निर्भर करता है। अगर आप तेज गेंदबाज हैं और छोटे स्पेल में गेंदबाजी करने जा रहे हैं, तो गेंद में जो ऊर्जा आप लगाते हैं और उसे सही जगह पर डालते हैं, तो इससे आपको हमेशा मौका मिलेगा।"