सस्टेनेबिलिटी रिव्यू रिपोर्ट 2025 के अनुसार, फॉर्मूला वन ने साल 2018 के बेसलाइन की तुलना में अपने कुल कार्बन फुटप्रिंट को 35 प्रतिशत कम कर लिया है। फॉर्मूला वन साल 2030 तक नेट-जीरो कार्बन स्पोर्ट बनने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बुधवार को जारी रिपोर्ट से पता चला है कि साल 2024 की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में 12 प्रतिशत की कमी आई है। यह दर्शाता है कि खेल के वैश्विक स्तर पर बढ़ने के बावजूद चैंपियनशिप के कामकाज में लगातार प्रगति हो रही है।
इस कमी में एक अहम कारक यात्रा से जुड़ा उत्सर्जन रहा है, जिसमें साल 2018 के बाद से 27 प्रतिशत की गिरावट आई है। टीमों ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में ज्यादा निवेश किया है, और फॉर्मूला वन ने दुनिया भर में कर्मचारियों और उपकरणों के यात्रा करने की जरूरत को कम करने के लिए रिमोट ब्रॉडकास्ट ऑपरेशन का विस्तार किया है।