बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 साल बाद भारत में हो रही है। दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपना दमखम दिखाने को बेताब हैं। वहीं, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम बैडमिंटन की दुनिया के इस सबसे बड़े इवेंट की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत 2009 के बाद पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है। इसमें 64 पुरुष और 64 महिला खिलाड़ी, इसके साथ ही तीन डबल्स कैटेगरी में 48 जोड़ियां सात दिनों तक देश की राजधानी में शीर्ष सम्मान के लिए मुकाबला करेंगी।
टूर्नामेंट के मुकाबले सोमवार से शुरू होंगे, जिसमें पहले दिन पुरुष और महिला सिंगल्स ड्रॉ के टॉप हाफ के मैच खेले जाएंगे। भारत ने 1983 में अपना पहला मेडल जीता था, जब प्रकाश पादुकोण ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। 2011 से भारत ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के हर एडिशन में कम से कम एक मेडल जीता है। लगातार 11 एडिशन में कुल 14 मेडल जीते हैं, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का ऐसा रिकॉर्ड है जिसकी बराबरी सिर्फ चीन ने की है।